महिला आरक्षण बिल पर सियासत तेज, पटना में NDA की ‘जन आक्रोश महिला पदयात्रा’
पटना, संवाददाता:
महिला आरक्षण संशोधन विधेयक के लोकसभा में पास न होने को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है। इसी मुद्दे पर सोमवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की महिला कार्यकर्ताओं ने पटना में ‘जन आक्रोश महिला पदयात्रा’ निकाली और विरोध जताया।
इस दौरान बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर विपक्ष की नीयत साफ नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष केवल अपने परिवार की महिलाओं को आगे बढ़ाना चाहता है, जबकि आम महिलाओं के लिए अवसर सीमित रखता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि महिला आरक्षण बिल पारित हो जाता तो बिहार विधानसभा में महिलाओं की संख्या में बड़ा इजाफा होता। वर्तमान में जहां केवल 29 महिला विधायक हैं, वहीं यह संख्या बढ़कर 100 से अधिक हो सकती थी। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में पहले से ही पंचायती राज और नगर निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण लागू है, जिसका सकारात्मक असर दिख रहा है।
दूसरी ओर, विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण के नाम पर केंद्र सरकार परिसीमन (Delimitation) लागू करना चाहती थी। उन्होंने मुख्यमंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सरकार इस मुद्दे को सही तरीके से समझने में असफल रही है।
गौरतलब है कि संविधान (131वां संशोधन) विधेयक लोकसभा में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं जुटा सका, जिसके कारण यह पारित नहीं हो पाया। इस बिल के जरिए संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव था।