मुजफ्फरपुर में 10 करोड़ की चरस बरामद, DRI और STF की संयुक्त कार्रवाई में एक तस्कर गिरफ्तार
नेपाल से बिहार के रास्ते गुजरात भेजी जा रही थी नशे की खेप, पूर्वी चंपारण के डुमरियाघाट के पास बस से पकड़ा गया आरोपी
मुजफ्फरपुर। बिहार में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) और बिहार पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क का खुलासा किया है। संयुक्त अभियान में 10 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली चरस बरामद की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब 10 करोड़ रुपये बताई जा रही है। कार्रवाई के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
जानकारी के अनुसार, DRI को खुफिया सूचना मिली थी कि नेपाल के रास्ते चरस की बड़ी खेप भारत लाई जा रही है। इसके बाद मुजफ्फरपुर DRI और बिहार STF की टीम ने भारत-नेपाल सीमा से लेकर संभावित परिवहन मार्गों पर निगरानी शुरू की। तस्करी में शामिल लोग जांच एजेंसियों से बचने के लिए खेप को अलग-अलग बसों और ट्रेनों के जरिए छोटे हिस्सों में आगे भेजने की योजना बना रहे थे।
बस में सफर कर रहा था तस्कर
5 नवंबर को मिली सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने पूर्वी चंपारण जिले के डुमरियाघाट के पास एक बस को रुकवाया। तलाशी के दौरान संदिग्ध यात्री राजेश सहनी के सामान से 10 किलोग्राम चरस बरामद हुई। उसके पास से एक मोबाइल फोन और कुछ नकदी भी जब्त की गई।
नेपाल से गुजरात तक फैला था तस्करी का नेटवर्क
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि चरस की खेप नेपाल से लाई गई थी। इसे उत्तर प्रदेश के बस्ती के रास्ते गुजरात के पाटन और देश के अन्य हिस्सों में पहुंचाया जाना था। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस नेटवर्क का संपर्क उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, गुजरात और महाराष्ट्र तक फैले तस्करी गिरोहों से था।
NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई
गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act), 1985 के तहत कार्रवाई की गई है। फिलहाल DRI और STF की टीमें गिरोह के अन्य सदस्यों, खेप के मुख्य आपूर्तिकर्ताओं और इसके अंतिम खरीदारों का पता लगाने में जुटी हैं। जांच एजेंसियों का लक्ष्य इस तस्करी नेटवर्क की पूरी सप्लाई चेन का खुलासा करना है।