वीरों को राष्ट्रपति का सलाम: 51 बहादुरों को गैलेंट्री अवॉर्ड, कई को मरणोपरांत सम्मान
Anirudh Narayan, Intern
नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रक्षा अलंकरण समारोह 2026 (फेज-I) के दौरान 51 सैन्य और सुरक्षा बलों के जवानों को वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया। यह समारोह सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित किया गया, जिसमें सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और राज्य/केंद्र शासित प्रदेश पुलिस के जवानों को उनके अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए सम्मानित किया गया।
सम्मानित किए गए पुरस्कारों में 7 कीर्ति चक्र, 15 वीर चक्र और 29 शौर्य चक्र शामिल हैं। इनमें कई पुरस्कार मरणोपरांत भी दिए गए, जो उन जवानों की सर्वोच्च बलिदान की कहानी बयां करते हैं।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन पुरस्कारों को वर्ष 2024 से 2026 के बीच विभिन्न कठिन और जोखिम भरे अभियानों में असाधारण साहस, वीरता और कर्तव्य के प्रति समर्पण दिखाने वाले जवानों को प्रदान किया गया है।
कीर्ति चक्र पाने वालों में लांस नायक मीनाक्षी सुंदरम ए, नायब सूबेदार डोलेश्वर सुब्बा, मेजर अर्शदीप सिंह, एयर कमोडोर प्रसांत बालकृष्णन नायर और कैप्टन लालरिनावमा सैलो जैसे नाम शामिल हैं। वहीं वीर चक्र और शौर्य चक्र से भी कई सेना, वायुसेना और अर्धसैनिक बलों के अधिकारियों और जवानों को नवाजा गया।
समारोह में उन वीर जवानों को भी मरणोपरांत सम्मान दिया गया, जिन्होंने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। इनमें सिपाही जनजल प्रवीन प्रभाकर और लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को कीर्ति चक्र (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया।
गौरतलब है कि ये वीरता पुरस्कार देश के उन सच्चे नायकों को समर्पित हैं, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने साहस और कर्तव्य से राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित की। ये सम्मान न केवल उनके पराक्रम को पहचान देते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा भी बनते हैं।