व्यापारिक बाधाएं हटाएं, BRICS देशों में बनाएं 1000 नई साझेदारियां: PM मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS बिजनेस फोरम में सदस्य देशों के बीच व्यापारिक बाधाओं को कम करने और कारोबारी सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने BRICS बिजनेस काउंसिल से शीर्ष 10 व्यापारिक बाधाओं को चिन्हित कर उन्हें हटाने की रिपोर्ट तैयार करने, हर साल 100 BRICS स्टार्टअप को दूसरे सदस्य देशों के बाजारों में विस्तार दिलाने और कारोबारियों के बीच 1000 नई साझेदारियां बनाने का लक्ष्य रखने को कहा। 

हर साल प्रगति की समीक्षा का सुझाव

PM मोदी ने कहा कि इन तीनों लक्ष्यों—व्यापारिक बाधाओं को हटाना, 100 स्टार्टअप को नए बाजारों में पहुंचाना और 1000 नई कारोबारी साझेदारियां बनाना—पर हर साल प्रगति की समीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि BRICS की महत्वाकांक्षाओं को ठोस कार्रवाई और सामूहिक ताकत को वैश्विक समाधान में बदलने की जरूरत है। 

वैश्विक व्यापार में बढ़ रही हैं बाधाएं

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया में व्यापारिक बाधाएं बढ़ रही हैं, भारत आर्थिक सेतु बनाने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि 2014 के बाद भारत ने करीब 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं। BRICS में भी भारत का दृष्टिकोण व्यापारिक बाधाओं को कम करना और कारोबारियों के लिए नए अवसर पैदा करना है। 

BRICS में 50 फीसदी आबादी और 40 फीसदी वैश्विक GDP

PM मोदी ने BRICS के बढ़ते आर्थिक प्रभाव को रेखांकित करते हुए कहा कि समूह के देश दुनिया की करीब 50 फीसदी आबादी, 40 फीसदी वैश्विक GDP और 25 फीसदी से अधिक वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में BRICS देशों की संयुक्त GDP में वैश्विक अर्थव्यवस्था की तुलना में तेज वृद्धि हुई है।

स्टार्टअप और महिला उद्यमिता पर जोर

प्रधानमंत्री ने BRICS देशों के बीच स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। भारत की अध्यक्षता में कृषि, स्वास्थ्य, कौशल और स्मार्ट ग्रिड जैसे क्षेत्रों में सहयोग नेटवर्क बनाए गए हैं। उन्होंने महिला उद्यमियों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया और कहा कि महिलाओं को विकास की कहानी का नेतृत्व करना चाहिए।

समुद्री सुरक्षा को बताया जरूरी

PM मोदी ने वैश्विक व्यापार के लिए सुरक्षित समुद्री मार्गों, खुली आपूर्ति श्रृंखलाओं और नाविकों की सुरक्षा को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार तभी आगे बढ़ सकता है जब समुद्री मार्ग सुरक्षित हों और सप्लाई रूट खुले रहें।

BRICS को ठोस परिणामों की ओर ले जाने पर जोर

प्रधानमंत्री का संदेश साफ रहा कि BRICS को केवल बैठकों और घोषणाओं तक सीमित रखने के बजाय कारोबारी सहयोग के ठोस परिणामों पर ध्यान देना चाहिए। 1000 नई साझेदारियों, 100 स्टार्टअप्स के विस्तार और शीर्ष 10 व्यापारिक बाधाओं को दूर करने का प्रस्ताव इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 

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