जेल से बाहर आते ही आजम खान को ED ने किया गिरफ्तार, जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में 14 दिन की न्यायिक हिरासत
लखनऊ/गाजियाबाद। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान की जेल से रिहाई कुछ ही देर की राहत साबित हुई। रामपुर जेल से जमानत पर बाहर निकलते ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार कर लिया। रविवार को गाजियाबाद की विशेष PMLA अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अब उन्हें गाजियाबाद की डासना जेल में रखा जाएगा।
रिहाई के तुरंत बाद ED की कार्रवाई
आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को दो पैन कार्ड से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली थी। अदालत ने 29 अक्टूबर को उनकी सजा पर रोक लगाते हुए जमानत दे दी थी। इसके बाद शनिवार को दोनों रामपुर जेल से बाहर आए।
हालांकि, जेल परिसर के बाहर पहले से मौजूद ED की टीम ने आजम खान को अपने कब्जे में ले लिया। एजेंसी उन्हें पूछताछ के लिए दिल्ली स्थित मुख्यालय ले गई। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत दर्ज मामले में की गई।
जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में वित्तीय अनियमितताओं का आरोप
ED की जांच रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण और उससे जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन पर केंद्रित है। यूनिवर्सिटी का संचालन मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट करता है, जिसके संस्थापक आजम खान हैं।
जांच एजेंसी का आरोप है कि यूनिवर्सिटी के निर्माण में सरकारी धन, निर्माण सामग्री और ठेकेदारों से प्राप्त दान का कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया। ED ने अपनी जांच में 426.46 करोड़ रुपये की संपत्तियों को कथित अपराध से अर्जित संपत्ति के रूप में चिह्नित किया है।
एजेंसी ने हाल ही में जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतों को भी अटैच किया था। इन संपत्तियों का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 1,170 करोड़ रुपये बताया गया है। ये सभी आरोप जांच एजेंसी के दावे हैं, जिनका अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होगा।
अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
रविवार को ED ने आजम खान को गाजियाबाद की विशेष PMLA अदालत में पेश किया। एजेंसी ने अदालत से 14 दिनों की न्यायिक हिरासत की मांग की, जिसे स्वीकार कर लिया गया। इसके बाद उन्हें डासना जिला जेल भेज दिया गया।
अखिलेश यादव और सपा नेताओं ने जताया विरोध
आजम खान की गिरफ्तारी के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि आजम खान को लगातार मामलों में फंसाकर परेशान किया जा रहा है। सपा नेताओं ने भी गिरफ्तारी के समय और परिस्थितियों पर सवाल उठाए।
दूसरी ओर, भाजपा नेताओं ने ED की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि कानून सभी के लिए समान है और जांच एजेंसी अपना काम कर रही है।
आजम खान की रिहाई के तुरंत बाद हुई गिरफ्तारी ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। अब इस मामले में ED की जांच और अदालत की अगली सुनवाई पर सबकी नजर रहेगी।