ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाकर जेल भेजें: तेजस्वी यादव, रामलीला मैदान से BJP और चुनाव आयोग पर साधा निशाना
नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को आयोजित INDIA गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली में बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मांग की कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाया जाए और उन्हें जेल भेजा जाए। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की भूमिका लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने वाली रही है।
महाभारत का उदाहरण देकर साधा निशाना
तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में महाभारत का जिक्र करते हुए कहा कि रामलीला मैदान में आज वोट चोरी करने वालों के खिलाफ महाभारत हो रहा है। उन्होंने शकुनि का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में भी इसी तरह का खेल किया जा रहा है।
तेजस्वी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘नमूना’ बताते हुए उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने और जेल भेजने की मांग की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को कुचलने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई ऐसा करने की हिम्मत न करे।
‘दो नंबरी सरकार’ और ‘10 नंबरी प्रधानमंत्री’ का तंज
RJD नेता ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए उसे ‘दो नंबरी सरकार’ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘10 नंबरी प्रधानमंत्री’ कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश में यह तय करने की कोशिश हो रही है कि किसे वोट देने का अधिकार मिलेगा और किसे नहीं। तेजस्वी ने कहा कि यह लड़ाई देश के मतदाताओं और कथित तौर पर उनके अधिकारों को छीनने वालों के बीच है।
SIR और वोटर लिस्ट को लेकर विपक्ष का विरोध
INDIA गठबंधन की इस रैली में विपक्षी दलों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), कथित वोट चोरी और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए। विपक्ष का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं। गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी दोहराई।
राहुल, खरगे, ममता और अखिलेश भी रहे मौजूद
रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी नेता शामिल हुए। नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया।
तेजस्वी यादव के बयान ने बिहार की राजनीति को भी राष्ट्रीय मंच पर चर्चा में ला दिया है। हालांकि, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग तेजस्वी का राजनीतिक बयान है, किसी अदालत या जांच एजेंसी का निष्कर्ष नहीं।