बिहार में सुधा बूथ की तर्ज पर खुलेंगे 100 फ्रेश कैच कियोस्क, अब एक ही जगह मिलेगी ताजी और जिंदा मछली
पटना। बिहार में मछली खरीदने और बेचने की व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने नई पहल की है। दूध की बिक्री के लिए संचालित सुधा बूथ की तर्ज पर अब प्रदेश में 100 ‘फ्रेश कैच कियोस्क’ खोले जाएंगे। इन केंद्रों पर लोगों को स्वच्छ वातावरण में ताजी और जीवित मछलियां उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को पटना के मीठापुर स्थित मत्स्य विकास भवन परिसर में राज्य के पहले फ्रेश कैच कियोस्क का उद्घाटन किया।
सात निश्चय-3 के तहत दो चरणों में खुलेंगे केंद्र
राज्य सरकार की सात निश्चय-3 योजना के तहत पहले चरण में 30 और दूसरे चरण में 70 कियोस्क स्थापित किए जाएंगे। पहले चरण के बाकी 29 केंद्रों को भी जल्द शुरू करने की तैयारी है। योजना का उद्देश्य मछली की बिक्री को व्यवस्थित करना और उपभोक्ताओं तक गुणवत्तापूर्ण उत्पाद पहुंचाना है।
पहले चरण में पटना, नालंदा, भोजपुर, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और पश्चिम चंपारण सहित प्रमुख जिलों में केंद्र स्थापित किए जाएंगे। दूसरे चरण में गया, पूर्वी चंपारण, कैमूर और रोहतास सहित अन्य जिलों में विस्तार होगा। पटना के मछुआटोली, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग, ऊर्जा स्टेडियम, बीएसईबी कॉलोनी, राजाबाजार और फुलवारीशरीफ में भी कियोस्क खोले जाने की योजना है।
कोल्ड चेन, डीप फ्रीजर और डिजिटल भुगतान की सुविधा
फ्रेश कैच कियोस्क को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। यहां मछलियों की ताजगी बनाए रखने के लिए कोल्ड चेन, डीप फ्रीजर और डिस्प्ले काउंटर होंगे। इसके अलावा स्वच्छ पानी, जल निकासी, बिजली, बैकअप, डिजिटल भुगतान और कचरा प्रबंधन की व्यवस्था भी रहेगी।
एक कियोस्क की निर्धारित निर्माण लागत करीब 11 लाख रुपये बताई गई है। संभावित लागत वृद्धि को देखते हुए अधिकतम लागत 13.20 लाख रुपये तक रखी गई है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, पूरी योजना पर लगभग 10.56 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
मछली पालकों को मिलेगा संगठित बाजार
इस पहल से मछली पालकों, मत्स्य किसान उत्पादक संगठनों और सहकारी समितियों को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए बेहतर बाजार मिलने की उम्मीद है। स्थानीय उत्पादकों और कियोस्क संचालकों के बीच आपूर्ति नेटवर्क विकसित किया जाएगा। इससे बिचौलियों पर निर्भरता कम करने और मत्स्य पालकों की आमदनी बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
बक्सर से सिलीगुड़ी भेजी गई तीन टन मछली
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बक्सर की मत्स्यजीवी सहयोग समिति की ओर से सुइयां भागर जलकर में पकड़ी गई करीब तीन टन चेलहवा मछली को सिलीगुड़ी भेजने वाले वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह कदम बिहार की मछली को दूसरे राज्यों के बाजारों तक पहुंचाने की कोशिश का हिस्सा है।
पटना जू के पास शुरू हुआ तरकारी आउटलेट
मुख्यमंत्री ने पटना जू के गेट नंबर-दो के पास तरकारी आउटलेट का भी उद्घाटन किया। बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी फेडरेशन (वेजफेड) की ओर से संचालित इस केंद्र पर लोगों को शुद्ध, ताजी और गुणवत्तापूर्ण सब्जियां उचित कीमत पर उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
योजना के पहले चरण में प्रति इकाई 7.44 लाख रुपये की लागत से 200 तरकारी आउटलेट बनाए जाने हैं। पटना नगर निगम क्षेत्र के पार्कों और अन्य स्थानों पर भी ऐसे केंद्र खोलने की योजना है।
सरकार की इन पहलों से एक ओर उपभोक्ताओं को मछली और सब्जियों की खरीद के लिए व्यवस्थित बाजार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर राज्य के किसानों और मत्स्य पालकों को अपने उत्पादों के विपणन के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।
पटना। बिहार में मछली खरीदने और बेचने की व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने नई पहल की है। दूध की बिक्री के लिए संचालित सुधा बूथ की तर्ज पर अब प्रदेश में 100 ‘फ्रेश कैच कियोस्क’ खोले जाएंगे। इन केंद्रों पर लोगों को स्वच्छ वातावरण में ताजी और जीवित मछलियां उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को पटना के मीठापुर स्थित मत्स्य विकास भवन परिसर में राज्य के पहले फ्रेश कैच कियोस्क का उद्घाटन किया।
सात निश्चय-3 के तहत दो चरणों में खुलेंगे केंद्र
राज्य सरकार की सात निश्चय-3 योजना के तहत पहले चरण में 30 और दूसरे चरण में 70 कियोस्क स्थापित किए जाएंगे। पहले चरण के बाकी 29 केंद्रों को भी जल्द शुरू करने की तैयारी है। योजना का उद्देश्य मछली की बिक्री को व्यवस्थित करना और उपभोक्ताओं तक गुणवत्तापूर्ण उत्पाद पहुंचाना है।
पहले चरण में पटना, नालंदा, भोजपुर, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और पश्चिम चंपारण सहित प्रमुख जिलों में केंद्र स्थापित किए जाएंगे। दूसरे चरण में गया, पूर्वी चंपारण, कैमूर और रोहतास सहित अन्य जिलों में विस्तार होगा। पटना के मछुआटोली, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग, ऊर्जा स्टेडियम, बीएसईबी कॉलोनी, राजाबाजार और फुलवारीशरीफ में भी कियोस्क खोले जाने की योजना है।
कोल्ड चेन, डीप फ्रीजर और डिजिटल भुगतान की सुविधा
फ्रेश कैच कियोस्क को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। यहां मछलियों की ताजगी बनाए रखने के लिए कोल्ड चेन, डीप फ्रीजर और डिस्प्ले काउंटर होंगे। इसके अलावा स्वच्छ पानी, जल निकासी, बिजली, बैकअप, डिजिटल भुगतान और कचरा प्रबंधन की व्यवस्था भी रहेगी।
एक कियोस्क की निर्धारित निर्माण लागत करीब 11 लाख रुपये बताई गई है। संभावित लागत वृद्धि को देखते हुए अधिकतम लागत 13.20 लाख रुपये तक रखी गई है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, पूरी योजना पर लगभग 10.56 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
मछली पालकों को मिलेगा संगठित बाजार
इस पहल से मछली पालकों, मत्स्य किसान उत्पादक संगठनों और सहकारी समितियों को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए बेहतर बाजार मिलने की उम्मीद है। स्थानीय उत्पादकों और कियोस्क संचालकों के बीच आपूर्ति नेटवर्क विकसित किया जाएगा। इससे बिचौलियों पर निर्भरता कम करने और मत्स्य पालकों की आमदनी बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
बक्सर से सिलीगुड़ी भेजी गई तीन टन मछली
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बक्सर की मत्स्यजीवी सहयोग समिति की ओर से सुइयां भागर जलकर में पकड़ी गई करीब तीन टन चेलहवा मछली को सिलीगुड़ी भेजने वाले वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह कदम बिहार की मछली को दूसरे राज्यों के बाजारों तक पहुंचाने की कोशिश का हिस्सा है।
पटना जू के पास शुरू हुआ तरकारी आउटलेट
मुख्यमंत्री ने पटना जू के गेट नंबर-दो के पास तरकारी आउटलेट का भी उद्घाटन किया। बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी फेडरेशन (वेजफेड) की ओर से संचालित इस केंद्र पर लोगों को शुद्ध, ताजी और गुणवत्तापूर्ण सब्जियां उचित कीमत पर उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
योजना के पहले चरण में प्रति इकाई 7.44 लाख रुपये की लागत से 200 तरकारी आउटलेट बनाए जाने हैं। पटना नगर निगम क्षेत्र के पार्कों और अन्य स्थानों पर भी ऐसे केंद्र खोलने की योजना है।
सरकार की इन पहलों से एक ओर उपभोक्ताओं को मछली और सब्जियों की खरीद के लिए व्यवस्थित बाजार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर राज्य के किसानों और मत्स्य पालकों को अपने उत्पादों के विपणन के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।