बिहार में सुधा बूथ की तर्ज पर खुलेंगे 200 तरकारी आउटलेट, पहले केंद्र का सीएम सम्राट चौधरी ने किया उद्घाटन

पटना। बिहार में किसानों की सब्जियों को बाजार उपलब्ध कराने और उपभोक्ताओं तक ताजी सब्जियां पहुंचाने के लिए राज्य सरकार नई व्यवस्था शुरू करने जा रही है। सुधा बूथ की तर्ज पर अब प्रदेश में 200 तरकारी आउटलेट खोले जाएंगे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को पटना चिड़ियाघर के गेट नंबर-दो के पास राज्य के पहले तरकारी आउटलेट का उद्घाटन किया।

इस पहल का संचालन बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी फेडरेशन लिमिटेड (वेजफेड) के माध्यम से किया जाएगा। इसका उद्देश्य किसानों को उनके उत्पादों की बिक्री के लिए व्यवस्थित बाजार उपलब्ध कराना और आम लोगों को उचित कीमत पर गुणवत्तापूर्ण सब्जियां मुहैया कराना है।

पहले चरण में 200 आउटलेट बनाने की योजना

सरकार की योजना के तहत पहले चरण में राज्यभर में 200 तरकारी आउटलेट स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक आउटलेट के निर्माण पर लगभग 7.44 लाख रुपये खर्च किए जाने का प्रावधान है। इन केंद्रों के माध्यम से स्थानीय किसानों और सब्जी उत्पादक समूहों को सीधे बाजार से जोड़ने की कोशिश होगी।

किसानों को मिलेगा बाजार, उपभोक्ताओं को ताजी सब्जियां

तरकारी आउटलेट के जरिए किसानों की सब्जियों की बिक्री के लिए एक संगठित व्यवस्था तैयार की जाएगी। इससे उत्पादकों को अपने उत्पाद बेचने के लिए बेहतर अवसर मिल सकता है। वहीं, उपभोक्ताओं को एक ही स्थान पर ताजी और गुणवत्तापूर्ण सब्जियां उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

सरकार का मानना है कि इस तरह के केंद्रों से सब्जियों की आपूर्ति व्यवस्था मजबूत होगी और किसानों तथा ग्राहकों के बीच दूरी कम करने में मदद मिलेगी।

सुधा बूथ की तर्ज पर विकसित होंगे केंद्र

बिहार में सुधा बूथ ने दूध और दुग्ध उत्पादों की बिक्री के लिए एक व्यवस्थित नेटवर्क तैयार किया है। इसी मॉडल पर तरकारी आउटलेट विकसित करने की योजना है। यदि यह व्यवस्था सफल रहती है तो राज्य के अलग-अलग शहरी और अन्य बाजार क्षेत्रों में इसका विस्तार किया जा सकता है।

सरकार की इस पहल से बिहार के सब्जी उत्पादकों को नया बाजार मिलने की उम्मीद है। अब चुनौती इन केंद्रों पर नियमित आपूर्ति, उचित मूल्य और गुणवत्तापूर्ण सब्जियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की होगी।

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