टीएमसी में बड़ी टूट: 20 बागी सांसद एनसीपीआई में शामिल, NDA को देंगे समर्थन
लोकसभा में नया समीकरण बनने की तैयारी, ममता बनर्जी के नेतृत्व पर बड़ा सवाल
ब्यूरो रिपोर्ट | अनिरुद्ध नारायण (इंटर्न)
नई दिल्ली:
पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) में जारी सियासी घमासान अब बड़े विभाजन की ओर बढ़ता दिख रहा है। पार्टी के करीब 20 बागी सांसदों ने अलग राह पकड़ते हुए नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय का फैसला किया है और साथ ही केंद्र की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को समर्थन देने का ऐलान किया है।
सूत्रों के मुताबिक, यह निर्णय दिल्ली में हुई कई अहम बैठकों के बाद लिया गया, जिसमें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय नेताओं से मुलाकात भी शामिल है।
इस घटनाक्रम को टीएमसी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी के लोकसभा में कुल 28 सांसद हैं और इनमें से बड़ी संख्या के अलग होने से पार्टी की ताकत पर सीधा असर पड़ेगा।
बताया जा रहा है कि बागी सांसद पहले ही लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर NDA को समर्थन देने की इच्छा जता चुके थे और अब वे अलग ब्लॉक के रूप में अपनी पहचान बनाने की कोशिश में हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह विलय औपचारिक रूप लेता है, तो संसद के भीतर शक्ति संतुलन NDA के पक्ष में और मजबूत हो सकता है। वहीं, ममता बनर्जी के नेतृत्व और पार्टी की एकजुटता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
राजनीतिक असर:
- लोकसभा में NDA की स्थिति और मजबूत हो सकती है
- विपक्षी खेमे को बड़ा नुकसान
- टीएमसी के भीतर नेतृत्व संकट गहराया
फिलहाल, टीएमसी नेतृत्व ने बागी सांसदों के दावों पर सवाल उठाए हैं, लेकिन मौजूदा हालात पार्टी के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं।