“भारत के सामने कोई आर्थिक संकट नहीं” वित्त मंत्री का राहुल गांधी के दावों पर पलटवार
संसद और सार्वजनिक मंच से सियासी वार तेज, केंद्र सरकार ने अर्थव्यवस्था को बताया मजबूत
अनिरुद्ध नारायण (इंटर्न)
नई दिल्ली:
देश की अर्थव्यवस्था को लेकर सियासी बयानबाज़ी के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के “आर्थिक संकट” संबंधी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट कहा कि भारत के सामने किसी भी तरह की “आर्थिक आपदा” नहीं है और इस तरह के बयान केवल भ्रम फैलाने के लिए दिए जा रहे हैं।
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाए रखने के लिए लगातार काम कर रही है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे देश की उपलब्धियों को कमतर दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।
दरअसल, राहुल गांधी ने हाल ही में भारत में “आर्थिक तूफान” या “आर्थिक सुनामी” आने की चेतावनी दी थी और कहा था कि इसका सबसे ज्यादा असर आम जनता पर पड़ेगा।
इसके जवाब में वित्त मंत्री ने कहा कि ऐसे बयान देश में अनावश्यक डर और अस्थिरता पैदा करने का प्रयास हैं। उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत है और सरकार वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
राजनीतिक घमासान तेज
इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाज़ी देखने को मिल रही है। भाजपा नेताओं ने भी राहुल गांधी के दावों को “भय फैलाने वाला” बताते हुए खारिज किया है और कहा है कि देश की आर्थिक स्थिति स्थिर और सुदृढ़ है।
देश की अर्थव्यवस्था को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच यह टकराव आने वाले समय में और तेज हो सकता है। जहां एक ओर सरकार आर्थिक स्थिरता का दावा कर रही है, वहीं विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है—जिससे यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।