दुलारचंद यादव हत्याकांड में अनंत सिंह की जमानत रद्द, सुप्रीम कोर्ट ने 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का दिया आदेश

नई दिल्ली/पटना। मोकामा विधायक अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने पटना हाईकोर्ट से मिली उनकी जमानत रद्द करते हुए उन्हें 1 दिसंबर 2026 तक संबंधित अधिकारियों के समक्ष सरेंडर करने का निर्देश दिया है। साथ ही बिहार पुलिस को मामले की जांच चार महीने के भीतर पूरी करने का आदेश दिया गया है।

शुक्रवार को न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी. वराले की पीठ ने दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। नीरज कुमार ने पटना हाईकोर्ट के 19 मार्च 2026 के जमानत आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

आपराधिक इतिहास और जमानत पर उठे सवाल

याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई थी कि अनंत सिंह के आपराधिक इतिहास और मामले की गंभीरता पर हाईकोर्ट ने जमानत देते समय पर्याप्त विचार नहीं किया। सुनवाई के दौरान बिहार सरकार ने भी अदालत को अनंत सिंह के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी दी। सरकार के अनुसार, उनके खिलाफ हत्या, अपहरण और आर्म्स एक्ट समेत गंभीर आरोपों में 62 से अधिक मामले दर्ज हैं।

चुनाव प्रचार के दौरान हुई थी दुलारचंद की हत्या

यह मामला 30 अक्टूबर 2025 को बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान मोकामा के घोसवरी थाना क्षेत्र के बासावनचक गांव में हुई दुलारचंद यादव की हत्या से जुड़ा है। पुलिस जांच में आरोप लगाया गया कि एक वाहन ने दुलारचंद यादव को कुचल दिया था। वहीं, परिजनों का दावा था कि उन्हें पहले गोली मारी गई और फिर वाहन से कुचला गया। इस मामले में पुलिस ने अनंत सिंह को मुख्य आरोपी बनाया था।

चार महीने में जांच पूरी करने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने बिहार पुलिस को हत्याकांड की जांच चार महीने के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया है। अदालत के आदेश के बाद अनंत सिंह को निर्धारित समयसीमा में सरेंडर करना होगा। अब इस मामले की जांच और आगे की न्यायिक कार्यवाही पर नजर रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *