हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर भारत की चिंता, पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से की बातचीत

क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और मुक्त समुद्री आवाजाही पर जोर

अनिरुद्ध नारायण, इंटर्न

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से टेलीफोन पर बातचीत की, जिसमें पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति और भविष्य की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान प्रधानमंत्री ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री मार्गों की निर्बाध आवाजाही को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने पर जोर दिया।

बातचीत के दौरान ईरानी राष्ट्रपति ने पश्चिम एशिया में जारी हालिया घटनाक्रमों और उनके प्रभावों की जानकारी प्रधानमंत्री मोदी को दी। प्रधानमंत्री ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सभी मुद्दों का समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही संभव है तथा क्षेत्रीय तनाव को कम करने के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष रूप से हॉर्मुज जलडमरूमध्य का उल्लेख करते हुए कहा कि यह वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है, जिसकी सुरक्षा और स्वतंत्र आवाजाही सुनिश्चित करना अत्यंत जरूरी है। उन्होंने इस दिशा में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता भी बताई।

सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने ईरान और अमेरिका के बीच जारी वार्ताओं में हुई प्रगति का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि यह प्रयास क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने में सहायक होंगे। साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत हमेशा से क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और सुरक्षित व्यापारिक मार्गों का समर्थक रहा है।

यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में तनाव की स्थिति बनी हुई है और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंताएं बढ़ी हुई हैं। भारत, जो अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए इस मार्ग पर काफी निर्भर है, इस मुद्दे को लेकर विशेष रूप से सतर्क है।

 

IANS – pic credit

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