10-मिनट डिलीवरी सेवा बंद, गिग वर्कर्स को बड़ी राहत
नई दिल्ली, 13 जनवरी 2026
केंद्रीय श्रम मंत्रालय की कोशिशों के बाद जल्दी-विक्रय (क्विक-कॉमर्स) कंपनियों ने ‘10-मिनट डिलीवरी’ का समय-बद्ध वादा हटाने का फैसला किया है, जिससे देश भर के गिग वर्कर्स को बड़ी राहत मिली है।
💡 मुख्य बिंदु:
🔹 ब्लिंकिट, जैप्टो, स्विग्गी तथा ज़ोमैटो जैसी प्रमुख ई-कॉमर्स और डिलीवरी प्लेटफॉर्म ने 10-मिनट के भीतर डिलीवरी का समय-बद्ध वादा अपने विज्ञापनों, ऐप और ब्रांड संदेश से हटाने का आश्वासन केंद्र सरकार को दिया है।
🔹 यह निर्णय केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों से हुई बैठक के बाद लिया गया, जिसमें गिग वर्कर्स की सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को प्रमुखता दी गई।
🔹 सरकार का मानना है कि ‘10-मिनट’ का कड़ा लक्ष्य डिलीवरी कर्मियों पर अत्यधिक दबाव डालता है, जिससे सड़क पर तेज़ ड्राइविंग, दुर्घटनाओं तथा असुरक्षित कार्य परिस्थितियों का जोखिम बढ़ता है।
📌 पृष्ठभूमि:
गिग वर्कर्स — जो ज़ोमैटो, स्विग्गी, ब्लिंकिट, ज़ेप्टो आदि के साथ जुड़े डिलीवरी पार्टनर के रूप में काम करते हैं — पिछले कुछ समय से 10-मिनट डिलीवरी सिस्टम को हटाने की मांग कर रहे थे। इस मांग को लेकर 31 दिसंबर 2025 को देशभर में गिग वर्कर्स का एक बड़ा आंदोलन और हड़ताल भी हुई थी, जिसमें वे बेहतर वेतन, सुरक्षित कार्य परिस्थितियों तथा कार्य के असुरक्षित समय-बद्ध लक्ष्यों के खिलाफ आवाज़ उठा रहे थे।
📌 राजनीतिक प्रतिक्रिया:
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने केंद्र सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय गिग वर्कर्स की सुरक्षा, सम्मान और जीवन की रक्षा के लिए आवश्यक था। उन्होंने सभी नागरिकों को गिग वर्कर्स के समर्थन में खड़े रहने के लिए धन्यवाद दिया।