दरभंगा रैली में पीएम मोदी पर अभद्र नारे, सियासी बवाल तेज
बिहार में राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ विवादों में घिरी, भाजपा ने मांगी माफी
दरभंगा : कांग्रेस की ओर से बिहार में निकाली जा रही ‘वोटर अधिकार यात्रा’ गुरुवार को बड़े विवाद में फंस गई। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत माता को लेकर अपमानजनक नारेबाज़ी करते हुए सुना गया। घटना के सामने आते ही राजनीतिक माहौल गर्मा गया है।
वीडियो में दिख रहा है कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और राजद नेता तेजस्वी यादव के पोस्टरों से सजे मंच से कांग्रेस कार्यकर्ता नारे लगा रहे हैं। हालांकि उस समय कोई बड़ा नेता मंच पर मौजूद नहीं था।
स्थानीय कांग्रेस नेता मोहम्मद नौशाद का नाम भी नारों के बीच लिया गया। टिकट की दौड़ में माने जा रहे नौशाद ने घटना से दूरी बनाते हुए कहा कि वह उस समय राहुल गांधी के साथ मुज़फ्फरपुर रैली के लिए निकल चुके थे। उन्होंने कहा, “मैंने दिल्ली से दो बार चुनाव लड़ा है, 20 साल से पार्टी का कार्यकर्ता हूं। ऐसे शब्दों का प्रयोग नहीं कर सकता। लेकिन चूंकि कार्यक्रम हमारा था, मैं खेद जताता हूं।”
इस मामले को लेकर भाजपा ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर जोरदार हमला बोला। भाजपा प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, “राहुल गांधी, प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की गालियां देना और दिलवाना असहनीय है। आपको देश से माफी मांगनी चाहिए। बिहार की जनता आपको कभी माफ नहीं करेगी।” उन्होंने इसे मोदी की पृष्ठभूमि से जोड़ते हुए कहा कि एक गरीब परिवार से निकले ओबीसी समाज के बेटे के प्रधानमंत्री बनने की सफलता कांग्रेस को बर्दाश्त नहीं हो रही है।
पटना साहिब से भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की यात्रा से प्रधानमंत्री मोदी जी की दिवंगत माता के खिलाफ जिस स्तर की अशोभनीय भाषा का प्रयोग हुआ है, वह अत्यंत निंदनीय है। यह केवल मोदी जी का नहीं बल्कि पूरे देश का अपमान है।” उन्होंने मोदी की मां को याद करते हुए कहा कि उनके संस्कारों ने ही प्रधानमंत्री को सेवा और राष्ट्रभक्ति की भावना दी।
विवाद बढ़ने पर कांग्रेस ने सफाई देते हुए घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने कहा, “यह कृत्य निंदनीय है। पार्टी ने इसे प्रोत्साहित नहीं किया। जिम्मेदारी तय करने के लिए आंतरिक जांच की जा रही है।”
गौरतलब है कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की यह संयुक्त यात्रा दरभंगा, मुज़फ्फरपुर और सीतामढ़ी में हुई रैलियों के जरिए चुनाव आयोग की मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया का विरोध करने और विपक्ष को एकजुट करने के मकसद से निकाली गई थी। लेकिन विवाद के चलते यात्रा का मूल मुद्दा पीछे छूटता दिख रहा है।