मोदी-जिनपिंग मुलाकात : तिआनजिन में दस महीने बाद बातचीत, सीमावर्ती तनाव घटाने पर बनी सहमति

तिआनजिन (चीन), रविवार
शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की रविवार को तिआनजिन में महत्वपूर्ण मुलाकात हुई। करीब दस महीने बाद आमने-सामने हुए दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देने और आपसी विश्वास बढ़ाने पर जोर दिया।

सूत्रों के मुताबिक इस बैठक का प्रमुख एजेंडा सीमा प्रबंधन और आर्थिक सहयोग रहा। भारत और चीन ने 3,500 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर नई गश्ती प्रोटोकॉल को लेकर सहमति जताई है, जिससे पिछले चार वर्षों से जारी टकराव को कम करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को तिआनजिन पहुंचे थे, जहां बिन्हाई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उनका पारंपरिक स्वागत किया गया। आगमन के बाद प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा— “तिआनजिन पहुंचा। एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान सार्थक संवाद और विभिन्न देशों के नेताओं से मुलाकात को लेकर उत्सुक हूं।”

इससे पहले, चीन के विदेश मंत्री वांग यी इस माह भारत आए थे और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ वार्ता की थी। वांग ने कहा था कि बीजिंग, प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को अत्यधिक महत्व देता है और उम्मीद करता है कि यह सम्मेलन दोनों देशों के रिश्तों में सकारात्मक परिणाम देगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में एक साक्षात्कार में कहा था कि भारत-चीन संबंध “आपसी सम्मान, आपसी हित और आपसी संवेदनशीलता” की नींव पर आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने तिआनजिन यात्रा को वैश्विक अर्थव्यवस्था की अस्थिरता के बीच स्थिरता लाने की दिशा में अहम अवसर बताया।

मोदी ने कहा— “भारत और चीन, दो बड़े पड़ोसी और विश्व की सबसे बड़ी आबादी वाले देश, यदि स्थिर और सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखते हैं तो इसका असर केवल एशिया ही नहीं बल्कि वैश्विक शांति और समृद्धि पर भी पड़ेगा। बहुध्रुवीय एशिया और बहुध्रुवीय विश्व के लिए यह अनिवार्य है।”

 

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