इलिनॉय में हत्या दर दिल्ली से 15 गुना अधिक: ट्रंप प्रशासन ने जताई चिंता
वॉशिंगटन/शिकागो, 31 अगस्त
ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका के शिकागो शहर में बढ़ती हत्याओं और हिंसा को लेकर गंभीर चिंता जाहिर की है। व्हाइट हाउस का कहना है कि 2024 में शिकागो की हत्या दर भारत की राजधानी दिल्ली से 15 गुना अधिक दर्ज की गई। प्रशासन ने इस आंकड़े को पेश कर यह बताने की कोशिश की कि अमेरिकी शहरों में बंदूक हिंसा किस कदर भयावह रूप ले चुकी है।
प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने शुक्रवार को बताया कि शिकागो में हत्या दर 25.5 प्रति लाख आबादी है, जबकि दिल्ली में यह केवल 1.48 है। हालांकि, उन्होंने आंकड़ों का आधिकारिक स्रोत साझा नहीं किया। गौरतलब है कि भारत का राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) 2022 के बाद से नई रिपोर्ट जारी नहीं कर पाया है।
लेविट ने कहा कि लगातार 13 वर्षों से शिकागो अमेरिका का वह शहर है जहां सबसे ज्यादा हत्याएं होती हैं। उनके मुताबिक, शिकागो में गैरकानूनी हथियारों की संख्या न्यूयॉर्क और लॉस एंजिलिस से भी ज्यादा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस साल शहर में दर्ज हुए करीब 1.48 लाख अपराधों में से केवल 16 प्रतिशत मामलों में गिरफ्तारी हो पाई है, जो “चिंताजनक और अस्वीकार्य” है।
मिनेसोटा में हाल ही में हुई स्कूल फायरिंग की घटना, जिसमें दो बच्चों की मौत हो गई, पर टिप्पणी करते हुए लेविट ने कहा—“यह बंदूक का नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य का संकट है।”
इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शिकागो की स्थिति पर निशाना साधते हुए कहा था, “हम अन्य शहरों को भी सुरक्षित बनाएंगे। शिकागो इस समय पूरी तरह अव्यवस्था में है। वहां की महिलाएं मुझसे मदद की गुहार लगा रही हैं।”
ट्रंप ने इलिनॉय के गवर्नर जेबी प्रिट्जकर पर भी हमला बोला और कहा कि गवर्नर इस स्थिति की गंभीरता को नकार रहे हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा—“पिछले सप्ताहांत में शिकागो में 6 हत्याएं और 20 गोलीबारी की घटनाएं हुईं। फिर भी गवर्नर कह रहे हैं कि उन्हें हमारी मदद नहीं चाहिए। जनता अपराध से त्रस्त है और हमें रोकथाम के लिए कदम उठाने होंगे।”
ट्रंप प्रशासन ने साफ किया है कि अमेरिका के शहरों को सुरक्षित बनाना उसकी प्राथमिकता है और शिकागो अगला बड़ा केंद्र होगा, जहां संघीय हस्तक्षेप की संभावनाएं तेज हैं।