भारी बारिश से दार्जिलिंग में तबाही: पुल टूटा, भूस्खलन में 14 की मौत, रेड अलर्ट जारी
दार्जिलिंग/सिलीगुड़ी, संवाददाता

उत्तर बंगाल में लगातार हो रही भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। दार्जिलिंग जिले के मिरीक और सुखिया पोखरी इलाकों में हुए भूस्खलन में 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य के लापता होने की आशंका है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है, लेकिन लगातार हो रही बारिश और पहाड़ी इलाकों में फिसलन के कारण रेस्क्यू टीमों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

डूडिया आयरन ब्रिज ढहा, संपर्क व्यवस्था ठप

लगातार बारिश के बीच दार्जिलिंग का डूडिया आयरन ब्रिज बह गया, जो मिरीक और कुर्सियांग को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी थी। पुल के टूटने से कई इलाकों का सड़क संपर्क पूरी तरह से कट गया है। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजमार्ग-110 पर हुसैन खोला के पास भी एक और भूस्खलन की सूचना मिली है, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है।

IMD का रेड अलर्ट, उत्तर बंगाल के पांच जिलों में खतरा बरकरार

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, कूचबिहार, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि इन जिलों में रविवार सुबह तक अत्यधिक भारी बारिश जारी रह सकती है।

मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिम झारखंड, दक्षिण बिहार और दक्षिणपूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना गहरा निम्न दाब क्षेत्र उत्तर-उत्तरपूर्व की ओर बढ़ रहा है और शनिवार शाम तक इसके कमजोर पड़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में सोमवार तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त

24 घंटे में प्रदेश के कई इलाकों में मध्यम से तेज बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, बांकुरा में सबसे अधिक 65.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं दक्षिण बंगाल के मुर्शिदाबाद, बीरभूम और नदिया जिलों में भी रविवार तक भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

राहत कार्यों में तेजी, हालात पर कड़ी नजर

दार्जिलिंग जिला प्रशासन ने कहा है कि प्रभावित इलाकों में पुलिस और आपदा प्रबंधन दल लगातार काम कर रहे हैं। अब तक मिरीक और आसपास के गांवों से कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कई इलाके अब भी मलबे से ढंके हुए हैं।

प्रदेश सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को सतर्क रहने और संवेदनशील इलाकों में एहतियाती कदम बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल दार्जिलिंग और उत्तर बंगाल के अन्य हिस्सों में स्कूलों को बंद कर दिया गया है और पर्यटकों को ऊंचाई वाले इलाकों की यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

दार्जिलिंग और उत्तर बंगाल के पहाड़ी जिलों में मानसून की यह बारिश न सिर्फ जनजीवन को प्रभावित कर रही है, बल्कि राज्य प्रशासन के लिए भी बड़ी चुनौती बन गई है।

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