कोल्ड्रिफ कफ सिरप पर मध्यप्रदेश में रोक, ज़हरीले केमिकल से 9 मासूमों की मौत
भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए कोल्ड्रिफ कफ सिरप की बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। प्रयोगशाला जांच में सिरप में खतरनाक रसायन डायथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) की अत्यधिक मात्रा पाई गई, जिसे नौ बच्चों की मौत से जोड़ा गया है। यह घटनाएं छिंदवाड़ा जिले में सामने आई थीं।
राज्य औषधि नियंत्रक द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि यह दवा “ग़ैर-मानक और दोषपूर्ण (NSQ)” पाई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, तमिलनाडु के कांचीपुरम स्थित स्रेसन फ़ार्मास्युटिकल द्वारा निर्मित सिरप के नमूनों में 48.6% डायथिलीन ग्लाइकॉल मिला, जो मानव उपभोग के लिए बेहद खतरनाक है।
विशेषज्ञों के अनुसार, DEG का सेवन बच्चों और बड़ों में गुर्दे और जिगर की विफलता का कारण बन सकता है। यही कारण है कि सरकार ने न केवल कोल्ड्रिफ बल्कि कंपनी द्वारा तैयार अन्य उत्पादों पर भी पाबंदी लगाने का निर्णय लिया है।
सरकारी आदेश के बाद प्रदेशभर में उपलब्ध सिरप के सभी स्टॉक को सील करने का निर्देश दिया गया है। इन्हें नष्ट या बेचा नहीं जाएगा, बल्कि सरकारी प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेजा जाएगा। स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि बाजार में मौजूद अन्य बैच की दवाओं को भी तुरंत जब्त कर फ्रीज़ किया जाए।
यह कार्रवाई उस समय की गई जब तमिलनाडु ड्रग कंट्रोल डायरेक्टरेट ने 2 अक्टूबर की जांच रिपोर्ट मध्यप्रदेश सरकार को सौंपी। रिपोर्ट मिलते ही मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि “यह घटना बेहद दुखद है, दोषी कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और पीड़ित परिवारों के साथ सरकार खड़ी है।”
उल्लेखनीय है कि तमिलनाडु सरकार ने भी 1 अक्टूबर से कोल्ड्रिफ की बिक्री पर रोक लगा दी थी। शुरुआती जांच में इस सिरप से देश के अलग-अलग हिस्सों में 14 बच्चों की मौत जुड़ी पाई गई थी — जिनमें 9 मध्यप्रदेश, 2 महाराष्ट्र और 1 राजस्थान से थे।
सरकार अब अन्य राज्यों के साथ मिलकर इस दवा कंपनी की पूरी कार्यप्रणाली की जांच कर रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की त्रासदी दोबारा न हो।