बिहार चुनाव से पहले सख्त हुई चुनाव आयोग की निगरानी, आचार संहिता उल्लंघन पर होगी तुरंत कार्रवाई

पटना। आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए चुनाव आयोग ने राज्य में आदर्श आचार संहिता (MCC) के कड़ाई से पालन के निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने मुख्य सचिव और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि किसी भी स्तर पर आचार संहिता का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों द्वारा सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग पर रोक लगाने के साथ-साथ सरकारी, सार्वजनिक और निजी संपत्तियों से सभी प्रकार के प्रचार संबंधी पोस्टर, झंडे और बैनर हटाने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी मंत्री या जनप्रतिनिधि को सरकारी वाहन, आवास या स्टाफ का चुनावी कार्यों में उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी।

100 मिनट में होगी शिकायत पर कार्रवाई
आचार संहिता के पालन के लिए राज्यभर में 824 फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए गए हैं, जो किसी भी शिकायत पर 100 मिनट के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ ही 24 घंटे संचालित होने वाला शिकायत मॉनिटरिंग सिस्टम भी शुरू किया गया है। नागरिक और राजनीतिक दल 1950 हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर या सीधे जिला निर्वाचन पदाधिकारी (DEO) और रिटर्निंग ऑफिसर (RO) को शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

इसके अलावा, ‘सी-विजिल’ (C-Vigil) ऐप के माध्यम से भी कोई भी नागरिक आचार संहिता उल्लंघन की जानकारी साझा कर सकेगा। चुनाव आयोग ने सभी जिलों में कॉल सेंटर और ऑनलाइन मॉड्यूल सक्रिय कर दिए हैं ताकि शिकायतों की निगरानी और त्वरित निपटारा हो सके।

जनता की निजता का सम्मान अनिवार्य
आयोग ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी तरह का धरना या प्रदर्शन निजी आवासों के बाहर नहीं किया जाएगा और बिना अनुमति किसी निजी संपत्ति पर झंडा, बैनर या पोस्टर नहीं लगाया जा सकता। चुनावी रैलियों और जुलूसों के लिए संबंधित दलों को पहले से पुलिस प्रशासन को सूचित करना होगा, ताकि ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।

सभी पार्टियों को बराबर अवसर
आयोग ने सभी राजनीतिक दलों के लिए सार्वजनिक स्थलों—जैसे मैदान, हेलिपैड और ऑडिटोरियम—की बुकिंग प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया है। ECINET पोर्टल के ‘सुविधा मॉड्यूल’ के जरिए इन स्थलों का आवंटन ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर किया जाएगा।

कर्मचारियों के तबादले पर भी रोक
चुनाव से जुड़े किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के तबादले पर चुनाव आयोग ने फिलहाल रोक लगा दी है। आयोग ने कहा है कि सभी अधिकारी आचार संहिता को निष्पक्षता से लागू करें और किसी भी राजनीतिक दल के प्रति पक्षपात न दिखाएं।

चुनाव आयोग ने कहा, “लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए निष्पक्षता ही सर्वोपरि है। प्रत्येक अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि सभी दलों के साथ समान व्यवहार हो और कानून-व्यवस्था पर कोई आंच न आए।”

—TWM News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *