रोहतास नाट्य महोत्सव की रंगारंग शुरुआत: ‘पूस की रात’ ने छुआ दर्शकों का दिल
लोक नृत्य और रंगमंच का संगम तीन दिवसीय महोत्सव 27 मार्च तक जारी
रोहतास। जिले के मोकर स्थित इंपीरियल बैंक्विट हॉल में तीन दिवसीय रोहतास नाट्य महोत्सव का भव्य आगाज 25 मार्च से हुआ, जो 27 मार्च 2026 तक चलेगा। इस सांस्कृतिक आयोजन का आयोजन रेनबो, रोहतास द्वारा कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार के सौजन्य से किया जा रहा है।
महोत्सव के पहले दिन लोक संस्कृति और रंगमंच का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत झिझिया, जट-जटिन और कजरी जैसे पारंपरिक लोक नृत्यों से हुई, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इसके बाद हिंदी साहित्य के महान लेखक मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी ‘पूस की रात’ का नाट्य मंचन किया गया। इस नाटक का निर्देशन अजीत कुमार ने किया, जबकि नाट्य रूपांतरण एवं परिकल्पना राज कपूर द्वारा की गई। सह-निर्देशन की जिम्मेदारी निशा कुमारी ने संभाली।
नाटक में हल्कू की भूमिका में देवेंद्र कुमार झा और मुन्नी की भूमिका में तन्नू कुमारी ने अपने प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया। इसके अलावा अन्य कलाकारों—तनुजा, अनुराग आदित्य, रणधीर, सूरज, सनी, गुड्डू, वैश्णवी, अर्चना, तनु प्रिया, श्रेया, स्नेहा और पंकज जेटली—ने भी शानदार प्रदर्शन किया।
‘पूस की रात’ की कथा किसान हल्कू और उसकी पत्नी मुन्नी के जीवन-संघर्ष को दर्शाती है, जिसमें गरीबी, कर्ज और ठंड से जूझते किसान की पीड़ा को मार्मिक रूप से प्रस्तुत किया गया। कड़कड़ाती ठंड में खेत की रखवाली करते हुए हल्कू की विवशता और अंततः फसल के नष्ट होने के बावजूद मिली राहत, दर्शकों को भावुक कर गई।

महोत्सव के पहले दिन का यह मंचन दर्शकों के लिए एक यादगार अनुभव साबित हुआ। आयोजकों के अनुसार, आगामी दिनों में भी विभिन्न नाटकों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से कला प्रेमियों को समृद्ध अनुभव मिलेगा।
