“पिरामिड स्कीम”: सपनों, लालच और ठगी की दुनिया को उजागर करती TVF की नई पेशकश
अनिरुद्ध नारायण (इंटर्न), संपादन: निहाल दत्ता
ओटीटी प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो पर रिलीज़ हुई ‘द वायरल फीवर’ (TVF) की नई सीरीज़ “द पिरामिड स्कीम” आजकल चर्चा का विषय बनी हुई है। यह शो मल्टी-लेवल मार्केटिंग (MLM) की दुनिया और उससे जुड़े छल-प्रपंच को दर्शाने की कोशिश करता है।
कहानी:
कहानी हरिद्वार के एक साधारण युवक गोल्डी के इर्द-गिर्द घूमती है, जो पैसे और समाज में सम्मान पाने की चाह में एक पिरामिड स्कीम का हिस्सा बन जाता है। शुरुआती सफलता उसे ऊंचाइयों पर ले जाती है, लेकिन धीरे-धीरे यही स्कीम उसके जीवन को बर्बादी की ओर धकेल देती है। अंततः यह धोखाधड़ी न केवल उसे, बल्कि उससे जुड़े कई लोगों को भी प्रभावित करती है।
अभिनय:
गोल्डी के किरदार में परमवीर सिंह चीमा का अभिनय प्रभावशाली है और वे एक साधारण युवक की मानसिकता को बखूबी दर्शाते हैं। रणवीर शौरी एक ऐसे इंसान की भूमिका में नजर आते हैं, जो अनजाने में इस जाल में फंस जाता है उनका अभिनय सबसे अलग और दमदार प्रतीत होता है। वहीं, शेखर सुमन स्कीम के मास्टरमाइंड के रूप में प्रभावी दिखाई देते हैं।
लेखन:
सीरीज़ की कहानी एक मजबूत सामाजिक संदेश देने की कोशिश करती है। यह सिर्फ एक ठगी की कहानी नहीं, बल्कि महत्वाकांक्षा, सपनों, लालच और त्वरित सफलता की चाह के परिणामों को भी दिखाती है। हालांकि, लेखन कई जगहों पर पूरी तरह प्रभाव नहीं छोड़ पाता, जिससे कहानी का भावनात्मक असर थोड़ा कम महसूस होता है।
“द पिरामिड स्कीम” एक ऐसी सीरीज़ है, जो ठगी की दुनिया को ईमानदारी से दिखाने की कोशिश करती है। भले ही इसकी कहानी पूरी तरह गहराई तक नहीं पहुंचती, लेकिन दमदार अभिनय इसे देखने लायक बनाता है।
रेटिंग: ⭐⭐⭐