नेपाल में भीषण बाढ़ से तबाही, 175 लोगों की मौत; 476 लोग अब भी लापता

काठमांडू। नेपाल में भोटे कोशी नदी के आसपास आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। अब तक 175 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 476 लोग लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में 28 देशों के नागरिक शामिल हैं। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

ग्लेशियर से टूटकर आई बाढ़ ने मचाई तबाही

प्रारंभिक आकलन के अनुसार, यह सामान्य बारिश से आई बाढ़ नहीं थी। करीब 20 किलोमीटर दूर ग्लेशियर से बर्फ और चट्टानों का बड़ा हिस्सा टूटकर ल्हेंडे खोला में गिरा, जिससे पानी का प्रवाह अचानक बढ़ गया। इसके बाद तेज बहाव भोटे कोशी और फिर त्रिशूली नदी की ओर बढ़ा और रसुवागढ़ी, तिमुरे तथा स्याफ्रुबेसी समेत कई इलाकों में तबाही मचा दी।

बाढ़ के तेज बहाव में घरों, सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। प्रारंभिक आकलन के मुताबिक करीब 35 मोटरेबल पुल, 45 झूला पुल और लगभग 40 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। कई जलविद्युत परियोजनाएं और सुरक्षा प्रतिष्ठान भी प्रभावित हुए हैं।

हेलीकॉप्टर से जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन

दुर्गम और कटे हुए इलाकों तक पहुंचने के लिए नेपाल सेना, पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के जवानों के साथ निजी हेलीकॉप्टर भी राहत अभियान में लगाए गए हैं। कई इलाकों में फंसे लोगों ने झंडे और आग जलाकर हेलीकॉप्टरों को संकेत दिए हैं। गुरुवार सुबह तक 100 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाले जाने की जानकारी सामने आई थी।

लापता लोगों में नेपाल सेना के 44, नेपाल पुलिस के 28 और सशस्त्र पुलिस बल के 13 जवान भी शामिल बताए गए हैं। राहत टीमों के प्रभावित इलाकों तक पहुंचने के साथ मृतकों की पहचान का काम भी जारी है।

भारत ने भेजी राहत सामग्री

नेपाल की मदद के लिए भारत ने भी राहत अभियान तेज कर दिया है। भारत की ओर से दूसरी राहत उड़ान में 37.5 टन मानवीय सहायता, दवाइयां और खाद्य सामग्री भेजी गई है। इससे पहले 10 टन राहत सामग्री की पहली खेप नेपाल पहुंच चुकी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात कर हरसंभव मानवीय सहायता देने का आश्वासन दिया है।

नेपाल में जारी इस आपदा के बीच भारत के सीमावर्ती राज्यों, खासकर बिहार और उत्तर प्रदेश, में भी नदियों के जलस्तर और संभावित बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट पर है। व्यापक तबाही को देखते हुए आने वाले दिनों में राहत और बचाव अभियान और चुनौतीपूर्ण रहने की आशंका है।

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