UPI चार्ज को लेकर सुरजेवाला का सरकार पर हमला, बोले- 14 सितंबर को याद किया जाएगा ‘धोखे के दिन’ के रूप में

बेंगलुरु, 16 सितंबर। कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने UPI के प्रस्तावित मर्चेंट शुल्क को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने 14 सितंबर को UPI लेन-देन पर नए शुल्क की दिशा में कदम उठाने वाला दिन बताते हुए सरकार के फैसले की आलोचना की। सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि इससे डिजिटल भुगतान करने वाले लोगों और कारोबारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है।

2,000 रुपये से अधिक के मर्चेंट भुगतान पर MDR

NPCI के नए ढांचे के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से अधिक के पात्र Person-to-Merchant (P2M) UPI लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत Merchant Discount Rate (MDR) लागू होगा। 75,000 रुपये या उससे अधिक के लेन-देन पर यह शुल्क अधिकतम 300 रुपये तक सीमित रहेगा। वहीं Person-to-Person (P2P) भुगतान पर यह शुल्क लागू नहीं होगा।

सुरजेवाला ने उठाए उपभोक्ता पर असर के सवाल

सुरजेवाला ने दावा किया कि बड़े मर्चेंट भुगतान पर MDR लागू होने से कारोबारियों की लागत बढ़ सकती है और इसका असर आगे चलकर उपभोक्ताओं तक पहुंच सकता है। उन्होंने UPI के मौजूदा व्यापक इस्तेमाल और डिजिटल भुगतान व्यवस्था में इसकी भूमिका का भी उल्लेख किया।

सरकार और NPCI की ओर से शुल्क का ढांचा

नए नियमों में शुल्क मुख्य रूप से मर्चेंट पक्ष पर निर्धारित किया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, P2P लेन-देन मुफ्त रहेगा और 2,000 रुपये तक के पात्र P2M भुगतान पर भी MDR नहीं लगेगा। NPCI के अनुसार, नए शुल्क ढांचे का उद्देश्य UPI इकोसिस्टम की बुनियादी संरचना, साइबर सुरक्षा और सेवा संबंधी खर्चों को समर्थन देना है।

राजनीतिक बहस तेज

UPI शुल्क का मुद्दा अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। कांग्रेस ने इसे लेकर सरकार की नीति पर सवाल उठाए हैं, जबकि नए MDR ढांचे के तहत आम व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले UPI भुगतान को मुफ्त रखने का प्रावधान जारी है। ऐसे में विवाद मुख्य रूप से बड़े मर्चेंट भुगतान पर लगने वाले शुल्क और उसके संभावित आर्थिक प्रभाव को लेकर है।

 

Pic – ANI credit

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