सीरीज जीतकर भी टीम इंडिया की बढ़ी चिंता, हैमिल्टन में न्यूजीलैंड ने 7 विकेट से हराया; गेंदबाजी और फील्डिंग की खुली पोल
हैमिल्टन। भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी-20 सीरीज 3-2 से अपने नाम कर ली, लेकिन आखिरी मुकाबले में मिली सात विकेट की हार ने टीम मैनेजमेंट की चिंताएं बढ़ा दी हैं। रविवार को हैमिल्टन के सेडन पार्क में न्यूजीलैंड ने भारत के 192 रन के लक्ष्य को 18 ओवर में हासिल कर लिया। टिम सीफर्ट, ग्लेन फिलिप्स और एडम मिल्ने ने भारतीय टीम की कमजोरियों को उजागर किया।
सीफर्ट का तूफान, फिलिप्स ने भी बरसाए रन
लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम को टिम सीफर्ट ने तेज शुरुआत दिलाई। उन्होंने 50 गेंदों पर 93 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 11 चौके और पांच छक्के शामिल रहे। ग्लेन फिलिप्स ने 38 गेंदों पर नाबाद 65 रन बनाए। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 86 रन की अहम साझेदारी हुई।
फिलिप्स ने इस सीरीज में कुल 341 रन बनाकर पांच मैचों की द्विपक्षीय टी-20 सीरीज में सर्वाधिक रन बनाने का नया रिकॉर्ड भी बनाया। उन्होंने इंग्लैंड के फिल सॉल्ट के 331 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा।
एडम मिल्ने ने भारतीय शीर्ष क्रम को झकझोरा
इससे पहले न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज एडम मिल्ने ने भारतीय बल्लेबाजों को शुरुआती झटके दिए। अभिषेक शर्मा बिना खाता खोले और संजू सैमसन चार रन बनाकर आउट हो गए। भारत ने 19 रन पर दो विकेट गंवा दिए थे।
इसके बाद ईशान किशन और कप्तान श्रेयस अय्यर ने पारी संभाली। किशन ने 61 रन और अय्यर ने 50 रन बनाए। दोनों के बीच 43 गेंदों में 93 रन की साझेदारी हुई। नमन धीर ने भी 33 रन का योगदान दिया। हालांकि, मध्यक्रम और निचले क्रम के बल्लेबाज आखिरी ओवरों में तेजी से रन नहीं बना सके। भारत ने 20 ओवर में आठ विकेट पर 191 रन बनाए। मिल्ने ने 19 रन देकर चार विकेट लिए।
खराब फील्डिंग बनी हार की बड़ी वजह
भारतीय टीम की फील्डिंग भी इस मुकाबले में सवालों के घेरे में रही। सीफर्ट और फिलिप्स के महत्वपूर्ण कैच छूटे। पूरी सीरीज में भारतीय खिलाड़ियों ने कई अहम मौके गंवाए। रिपोर्ट के मुताबिक, पांचवें मुकाबले तक भारत की ओर से कुल आठ कैच छोड़े जा चुके थे। कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी मैच के बाद फील्डिंग के स्तर पर आत्ममंथन की जरूरत स्वीकार की।
आखिरी दो मैचों में बदला न्यूजीलैंड का प्रदर्शन
भारत ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली थी। लेकिन न्यूजीलैंड ने चौथे मैच में 87 रन से जीत दर्ज की और पांचवें मुकाबले में भी सात विकेट से भारत को हराया। इस तरह भारत ने सीरीज 3-2 से जीती, जबकि न्यूजीलैंड ने आखिरी दो मैचों में वापसी की।
अब भारतीय टीम का ध्यान पांच मैचों की वनडे सीरीज पर होगा, जिसकी शुरुआत 4 नवंबर से होनी है। उससे पहले गेंदबाजी में निरंतरता, कैच पकड़ने की क्षमता और डेथ ओवरों में प्रदर्शन सुधारना टीम के लिए अहम चुनौती होगी।