मुंगेर

अखिल भारतीय साहित्य परिषद के रजत जयंती समारोह में जिला स्कूल, मुंगेर में एक अनोखे अंदाज में चार्ली चैपलिन द्वितीय की जीवनशैली और योगदान पर विशेष चर्चा की गई। समारोह में जहां प्रसाद साहित्य और स्वर कोकिला लता मंगेश्कर की सांस्कृतिक धरोहर पर विमर्श हुआ, वहीं चार्ली चैपलिन द्वितीय, जिनकी भूमिका को वर्षों से अभिनेता राजन कुमार निभाते आए हैं, को समर्पित परिचर्चा का आयोजन हुआ।

इस अवसर पर प्रो. अभय कुमार, डॉ. इकबाल अहमद इकबाल, संतोष सहाय, महंत डॉ. देवनायक दास, डॉ. उदय शंकर, वंदना कुमारी, विनोद कुमार बूंद, प्रमोद कुमार निराला सहित कई शिक्षाविद् एवं सांस्कृतिक हस्तियों ने चैपलिन के किरदार पर अपने विचार प्रस्तुत किए। विद्वानों ने बताया कि चार्ली चैपलिन द्वितीय का योगदान सामाजिक संदेश और हास्य के माध्यम से समाज में जागरूकता लाने में महत्वपूर्ण रहा है, और यह परिचर्चा उन छात्रों के लिए प्रेरणादायक है जो चैपलिन पर शोध करना चाहते हैं।

बता दें कि चार्ली चैपलिन द्वितीय के रूप में राजन कुमार ने न केवल भारत, बल्कि विदेशों में भी 5000 से अधिक लाइव प्रस्तुतियां दी हैं। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल हो चुके राजन कुमार ने अपने असाधारण अभिनय के बल पर बॉलीवुड में भी विशेष पहचान बनाई है। अभिनेता, कवि और समाजसेवी के रूप में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान है। हिंदी फिल्म “शहर मसीहा नहीं” और “नमस्ते बिहार” में उनके अभिनय को दर्शकों ने सराहा है।

बिहार फिल्म एंड टेलीविजन आर्टिस्ट एसोसिएशन ट्रस्ट के संस्थापक अध्यक्ष हीरो राजन कुमार के लिए यह आयोजन विशेष था, जहां चार्ली चैपलिन द्वितीय पर चर्चा कर मुंगेर के लोगों ने उनके अविस्मरणीय योगदान को सराहा।

 

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