हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला 2024 में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए जिला जनसंपर्क इकाई, सारण समाहरणालय द्वारा एक विज्ञापन निकाला गया है, जिसमें लोक कलाकारों से मुफ्त प्रस्तुति देने की अपील की गई है। इस विज्ञापन को लेकर बिहार के लोक कलाकारों और समाजसेवी संगठनों में नाराजगी फैल गई है। इसी क्रम में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए बिहार सरकार पर हमला बोला है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि एनडीए सरकार की यह नीति राज्य की लोक कला, भाषा, और संस्कृति का अनादर है। “सरकार को चाहिए कि वह कलाकारों का सम्मान करे और उन्हें उचित मेहनताना प्रदान करे। राज्य में पारंपरिक लोक कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए जिस मंच का निर्माण होना चाहिए, उसी मंच पर उन्हें मुफ्त में प्रस्तुति देने का प्रस्ताव करना शर्मनाक है,” उन्होंने कहा।
नेता प्रतिपक्ष ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार अपने आयोजनों में फिल्मी सितारों पर लाखों रुपये खर्च करती है, जबकि राज्य के स्थानीय कलाकारों को निःशुल्क काम करने को बाध्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “डबल इंजन सरकार को चाहिए कि लोक कलाकारों को प्रोत्साहन देने के लिए उनका सम्मान बनाए रखे, न कि उन्हें मुफ्त में काम करने को मजबूर करे।”
इस मामले को लेकर कई अन्य राजनीतिक दलों और कलाकार संगठनों ने भी सरकार से अपनी नीति पर पुनर्विचार करने की मांग की है।