कल्याणपुर (मुंगेर) 

मुंगेर जिले का कल्याणपुर गाँव इस वर्ष राज्य का सबसे बड़ा दीपोत्सव मनाने जा रहा है, जहां 30 अक्टूबर को 8.5 लाख मिट्टी के दीप जलाकर दिवाली का पर्व मनाया जाएगा। यह आयोजन ग्रामीणों और यूथ क्लब के सदस्यों के सहयोग से भव्य रूप से संपन्न होगा। इस दौरान 15 हजार लीटर तिल का तेल दीपों में उपयोग किया जाएगा, जिससे समूचा गाँव जगमगा उठेगा।

गांव में दीपोत्सव के दिन न केवल बड़े स्तर पर दीप जलाए जाएंगे, बल्कि गंगा नदी पर 250 नावों में 50 हजार दीपों का अद्भुत नजारा भी देखने को मिलेगा। कार्यक्रम की भव्यता के लिए कल्याणपुर बड़ी दुर्गा स्थान पर विशेष आयोजन होगा, जिसमें 50 हजार दीप देसी घी से प्रज्वलित किए जाएंगे।

लाइव प्रसारण और लेजर लाइट शो का भी आयोजन

दीपोत्सव का आनंद न केवल उपस्थित लोग उठा सकेंगे, बल्कि इंटरनेट के माध्यम से इसका सीधा प्रसारण भी किया जाएगा। आयोजन स्थल पर लेजर लाइट शो भी होगा, जिससे पूरे क्षेत्र का दृश्य अद्भुत लगेगा। दीपावली से पूर्व छोटी दिवाली के दिन इस पूरे उत्सव का विधिवत उद्घाटन गणमान्य अतिथियों द्वारा किया जाएगा।

ग्रामीणों का सहयोग और उत्साह

कल्याणपुर यूथ क्लब के सदस्यों – सुदामा चौधरी, राजेश मिश्रा, प्रशांत दुबे और अन्य युवाओं ने बताया कि यह दीपोत्सव गांव के सभी लोगों के सहयोग से संभव हो सका है। वे दीपों की व्यवस्था से लेकर आयोजन स्थल की सजावट तक की सभी तैयारियों में जुटे हैं।

यूथ क्लब के प्रबंधक राजेश मिश्रा के अनुसार, इस परंपरा की शुरुआत 2019 में हुई थी, जब पहली बार 51 हजार दीप जलाकर उत्सव मनाया गया था। इसके बाद, हर वर्ष दीपों की संख्या बढ़ती रही और इस बार 8.5 लाख दीप जलाने का संकल्प लिया गया है।

गंगा महाआरती का विशेष आयोजन

दीपोत्सव के बाद गंगा की महाआरती का आयोजन भी विशेष रूप से किया जाएगा, जो गंगा किनारे की परंपरा और श्रद्धा को समर्पित है। गांव के लोग गंगा की पवित्रता और माता दुर्गा की आराधना को प्रमुखता देते हैं। कल्याणपुर यूथ क्लब और ग्रामीण युवा मिलकर इस महाआरती की तैयारियों में लगे हैं।

इस आयोजन में सम्मिलित होने के लिए राज्यभर से हजारों लोगों के आने की उम्मीद है। ग्रामीणों का कहना है कि इस दीपोत्सव से गांव की एक नई पहचान बनी है, जिससे इस पवित्र स्थल पर श्रद्धालुओं का आना-जाना बढ़ गया है।

कुम्हारों की मेहनत से तैयार हुए दीप

डॉ. नीतीश दुबे, जो प्रसिद्ध होम्योपैथ चिकित्सक और द बर्नेट होम्योपैथी प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक हैं, ने बताया कि इस विशाल आयोजन के लिए विभिन्न जिलों के कुम्हारों द्वारा मिट्टी के दीप तैयार किए गए हैं। वे बताते हैं कि इस तरह का आयोजन ग्रामीणों की आस्था और पारंपरिक सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है।

कल्याणपुर का यह दीपोत्सव राज्य के लिए गौरवपूर्ण अवसर है, जो ग्रामीण सहभागिता और संस्कृति का एक अनोखा उदाहरण प्रस्तुत करेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *