प्रमुख जिलों को मात देकर मुंगेर की बेटियों ने पहली बार जूनियर बालिका खो-खो स्टेट चैंपियनशिप 2024 पर जमाया कब्जा
भागलपुर में आयोजित एसजीएफआई अंडर-17 बालिका खो-खो चैंपियनशिप 2024 में मुंगेर की बेटियों ने इतिहास रचते हुए पहली बार चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। इस अद्वितीय सफलता से मुंगेर जिले का नाम पूरे राज्य में गर्व से ऊँचा हुआ। मुंगेर जिला खो-खो संघ के सचिव और जनकल्याण शिव शक्ति हरिमोहन फाउंडेशन के संस्थापक, अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी हरिमोहन सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि मुंगेर की टीम ने लीग चरण में पटना, शेखपुरा और मधुबनी जैसे बड़े जिलों को हराकर क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई, जहां उन्होंने बक्सर को परास्त कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। सेमीफाइनल में कैमूर को मात देने के बाद, फाइनल में मेजबान भागलपुर को 1 प्वाइंट से हराकर मुंगेर की टीम ने विजेता बनकर इतिहास रच दिया।
टीम प्रभारी का गैर-हाजिर होना खिलाड़ियों के लिए चुनौतीपूर्ण
मुंगेर की इस जीत के बावजूद खिलाड़ियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, क्योंकि स्पोर्ट्स टीचर संजीत कुमार यादव, जिन्हें टीम प्रभारी नियुक्त किया गया था, भागलपुर में टीम को छोड़कर गायब हो गए। खेल के दौरान टीम प्रभारी की अनुपस्थिति से खिलाड़ियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा, लेकिन वरिष्ठ खिलाड़ी अमन कुमार के नेतृत्व में उन्होंने अपने खेल को बखूबी संभाला और जीत हासिल की। मुंगेर जिला खो-खो संघ ने हर संभव सहायता पहुंचाई, फिर भी महिला खिलाड़ियों के लिए टीम प्रभारी की अनुपस्थिति एक बड़ी चुनौती बनी रही।

खिलाड़ियों की मेहनत रंग लाई, जिले के अधिकारी हुए गदगद
चैंपियनशिप में जीत हासिल करने पर मुंगेर जिला खेल पदाधिकारी अभिषेक कुमार, जनकल्याण शिव शक्ति हरिमोहन फाउंडेशन के संस्थापक हरिमोहन सिंह, जिला खेल कार्यालय के सुमित कुमार, ऋषि कुमार और एसजीएफआई के मुंगेर जिला संयोजक आशीष किशोर समेत कई गणमान्य पदाधिकारियों और समाजसेवियों ने टीम को बधाई दी और इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर की।
प्रशासन से दोषी पर कार्रवाई की मांग
खिलाड़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले प्रभारी स्पोर्ट्स टीचर के खिलाफ जिला खेल पदाधिकारी से कार्रवाई की मांग की गई है। मुंगेर की महिला खिलाड़ियों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन दोषियों पर सख्त कदम उठाएगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।