पटना
ईस्ट सेंट्रल रेलवे में हुए एक बड़े घोटाले का खुलासा करते हुए, सीबीआई ने रेलवे के दो वरिष्ठ अधिकारियों और एक ठेकेदार के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है। यह मामला अधिकारियों द्वारा ठेकेदार को अनुचित लाभ देने की साजिश रचने और रिश्वत लेने का आरोप है। इस केस में डिप्टी एफए और सीएओ (निर्माण) अनुराग गौरव, ईसीआर के अधिकारी विकास कुमार और आनंद राज इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अभिषेक कुमार सिंह के नाम शामिल हैं।
सीबीआई सूत्रों के अनुसार, ईस्ट सेंट्रल रेलवे (ईसीआर), हाजीपुर के 15 करोड़ के टेंडर को आनंद राज इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड को देने के लिए सौदेबाजी की गई थी। एफआईआर में यह आरोप है कि अनुराग गौरव और विकास कुमार ने ठेकेदार अभिषेक कुमार सिंह से रिश्वत लेकर उसके पक्ष में टेंडर की मंजूरी और स्वीकृति पत्र (एलओए) जारी किया। इसके तहत अभिषेक सिंह को नौ अक्तूबर को पटना स्थित रेलवे कार्यालय में अधिकारी से मिलने को कहा गया था, जहां सौदा तय हुआ।
सीबीआई ने इस मामले की जांच का जिम्मा डीएसपी अमित कुमार को सौंपा है। जांच एजेंसी ने यह भी बताया कि अनुराग गौरव ने विकास कुमार को टेंडर प्रक्रिया में ठेकेदार की कंपनी को स्वीकृति दिलाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद, संबंधित कंपनी के पक्ष में एलओए जारी कर दिया गया, जिससे करीब 15 करोड़ रुपये के टेंडर का अनुबंध ठेकेदार को मिल गया।