पटना

राजधानी पटना में दिवाली से पहले एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। अशोक राजपथ स्थित पटना साइंस कॉलेज के पास मेट्रो के निर्माणाधीन टनल में मिट्टी धंसने से तीन मजदूर फंस गए, जिनमें से दो की मौत हो गई जबकि एक अन्य मजदूर की हालत गंभीर बताई जा रही है। स्थानीय लोग इस हादसे को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं।

घटनास्थल पर मची अफरातफरी, एक मजदूर की पहचान उड़ीसा निवासी के रूप में हुई

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के वक्त लगभग 25 मजदूर टनल में काम कर रहे थे। इसी दौरान मशीन में तकनीकी खराबी के चलते ब्रेक फेल हो गया, और टनल में मिट्टी धंसने से तीन मजदूर फंस गए। उनमें से एक की पहचान श्यामबाबू के रूप में हुई है, जो उड़ीसा का रहने वाला था और लोको पायलट का कार्य करता था। मजदूरों के अनुसार, हादसे में एक मृतक का शरीर गंभीर रूप से क्षत-विक्षत हो गया, जिससे स्थिति और भयावह हो गई। बाकी मजदूरों ने किसी तरह बाहर निकलकर खुद को बचाया, लेकिन इस अफरा-तफरी में कई लोग घायल भी हुए हैं।

अधिकारी नहीं थे मौजूद, रात की शिफ्ट में सुरक्षा की कमी पर उठे सवाल

हादसे के समय किसी भी वरिष्ठ अधिकारी की मौजूदगी न होने से मौके पर काम करने वाले मजदूरों में रोष है। एक सुपरवाइजर ने आरोप लगाया कि रात की शिफ्ट में जरूरी सुरक्षा व्यवस्था का ध्यान नहीं रखा गया और न ही इंजीनियरों की कोई निगरानी थी। उन्होंने बताया कि मजदूर रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक लगातार काम करते हैं, मगर इस दौरान उनकी सुरक्षा को लेकर किसी भी अधिकारी की उपस्थिति नहीं रहती। हादसे के बाद मौके पर मजदूरों ने अपनी जान जोखिम में डालकर मृतक को टनल से बाहर निकाला।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई, जांच के आदेश

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस की टीम ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर हालात को काबू में किया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच में ब्रेक फेल होना और मशीन में गड़बड़ी इस हादसे की वजह मानी जा रही है। घायल मजदूरों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

टनल निर्माण कार्य पर सुरक्षा प्रबंधन पर गंभीर सवाल

अशोक राजपथ से राजेंद्र नगर तक मेट्रो सुरंग का निर्माण कार्य तेज़ी से जारी है, परंतु इस घटना ने मेट्रो निर्माण परियोजना में सुरक्षा प्रबंधन की गंभीर कमी को उजागर किया है। स्थानीय निवासियों और मजदूरों ने परियोजना प्रबंधन से इस प्रकार की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं को टाला जा सके।

 

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