पटना

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को एक बड़ी एनडीए बैठक मुख्यमंत्री आवास में आयोजित की गई, जिसमें कई बड़े नेताओं की गैरमौजूदगी से चर्चा गर्म हो गई। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पाटलिपुत्र की सांसद मीसा भारती ने कहा कि एनडीए में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। बैठक में कुछ प्रमुख नेताओं का न पहुंचना यह संकेत देता है कि गठबंधन के अंदर समस्याएं बनी हुई हैं।

मीसा भारती ने सवाल उठाते हुए कहा, “मुख्यमंत्री की इस अहम बैठक में एनडीए के सभी घटक दलों के नेता मौजूद क्यों नहीं थे?” मीडिया को दिए बयान में उन्होंने कहा कि गिरिराज सिंह और सम्राट चौधरी जैसे नेताओं की उपस्थिति से एनडीए की मजबूती नहीं झलकती। उनके अनुसार, पार्टी ने सम्राट चौधरी को पहले ही साइडलाइन कर दिया है, और गिरिराज सिंह को वह बड़ा नेता नहीं मानतीं। मीसा ने कहा कि जिन वरिष्ठ नेताओं का होना जरूरी था, उनकी कमी ने बैठक को अधूरा छोड़ दिया।

उपचुनाव पर इंडिया गठबंधन को भरोसा

आगामी बिहार उपचुनावों को लेकर मीसा भारती ने कहा कि जनता के मुद्दों पर जोर देते हुए इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी चारों सीटों पर जीत हासिल करेंगे। उन्होंने कहा, “हम बेरोजगारी, विकास और उद्योगों की स्थापना की बात कर रहे हैं।” उनके अनुसार, राष्ट्रीय जनता दल का प्रचार पूरी तरह से जनता के मुद्दों पर आधारित रहेगा।

हिना शहाब की वापसी पर एनडीए में हलचल

हिना शहाब और उनके बेटे ओसामा के राजद में फिर से शामिल होने पर एनडीए में उथल-पुथल मच गई। मीसा भारती ने इसे एक सकारात्मक पहल बताया और कहा कि हिना शहाब की वापसी से राजद को और मजबूती मिली है। उन्होंने कहा, “हमारे दल में अब परिवार की तरह एकजुटता है, और हम जनता के हित के लिए संघर्ष करेंगे।”

नीरज कुमार के आरोप बेबुनियाद

तेजस्वी यादव पर शराब बेचने के आरोप को लेकर जेडीयू नेता नीरज कुमार पर तंज कसते हुए मीसा भारती ने कहा, “नीरज कुमार का हर सुबह कुछ न कुछ कहना अब सामान्य हो गया है। वे जनता से जुड़े असल मुद्दों पर कभी बात नहीं करते।” गिरिराज सिंह पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि, “वे कपड़ा मंत्री हैं, लेकिन जनता को उनकी असली जिम्मेदारी का पता नहीं चलता। एनडीए के लोग बयानबाजी के जरिए असल सवालों से बचना चाहते हैं।”

पप्पू यादव को धमकी के मामले पर बयान

पप्पू यादव को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से मिली धमकी पर प्रतिक्रिया देते हुए मीसा भारती ने कहा कि यह बेहद चिंताजनक है कि जेल से ऐसी धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने गुजरात सरकार से इस मामले की जांच कराने की मांग की ताकि सच्चाई सामने आ सके।

(प्रस्तुति: विशेष संवाददाता)

 

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