अयोध्या का ऐतिहासिक दीपोत्सव इस बार दो विश्व रिकॉर्ड्स स्थापित करने का लक्ष्य लेकर आया है। यह दीपोत्सव राम मंदिर निर्माण के बाद पहला भव्य आयोजन है, जो इसे विशेष महत्व देता है। इस वर्ष दो अनूठे रिकॉर्ड्स बनाए जाने की तैयारी है: सरयू आरती में 1,100 लोगों की सामूहिक भागीदारी और 25 लाख से अधिक दीपों का रोशनी से सजे घाटों पर अनोखा नजारा।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की 30-सदस्यीय टीम ने रिकॉर्ड सत्यापन के लिए स्थल पर पहुंचकर तैयारियों का निरीक्षण शुरू कर दिया है। टीम प्रमुख निश्चल बारोट ने बताया कि यह आयोजन अपने आप में ऐतिहासिक है, खासकर मंदिर निर्माण के बाद इसे और भी खास बना देता है। रिकॉर्ड बनाने के लिए सरयू नदी पर सामूहिक आरती और लाखों दीपों की सजावट की गई है।
दीपों के उचित स्थान और संख्या को सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जा रहा है, जिसमें 2.8 मिलियन दीपों की सही गिनती और स्थान की गणना की जा रही है। प्रत्येक दीप 16×16 फुट के क्षेत्रों में बराबर अंतराल पर रखा गया है ताकि गिनीज के मानकों का पालन हो सके। स्वयंसेवकों की टीम ने पहले एक ‘ड्राई काउंट’ के माध्यम से दीपों की संख्या सुनिश्चित की है, ताकि मुख्य समारोह से पहले सारी व्यवस्थाएं पूरी हों।
इस वर्ष का दीपोत्सव आयोजन न केवल धार्मिक भावनाओं को प्रकट करता है, बल्कि अयोध्या की सांस्कृतिक और आर्थिक उन्नति को भी दर्शाता है। बारोट ने अयोध्या के इस त्यौहार में पिछले सात वर्षों में 30,000 से अधिक स्वयंसेवकों के योगदान की सराहना की, और कहा कि यहां के छोटे व्यवसायों और होटलों में त्योहार के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
अयोध्या का पांच दिवसीय दीपोत्सव भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास के बाद लौटने की स्मृति में मनाया जाता है, जो लाखों भक्तों और पर्यटकों के लिए एक धार्मिक, सांस्कृतिक और अद्वितीय अनुभव प्रस्तुत करता है।