ऑपरेशन सिन्दूर पर संसद में 28 जुलाई से होगी बहस, विपक्ष ने सरकार से मांगा ट्रंप के दावे पर जवाब
मोदी, शाह और राजनाथ देंगे जवाब; कड़ी सुरक्षा बैठकें कर रहा है रक्षा मंत्रालय
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद से संसद में हलचल मची हुई है, जिसमें उन्होंने दावा किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच उन्होंने संघर्षविराम “मध्यस्थता” कराई थी। अब इस पूरे मामले पर संसद के मानसून सत्र में 28 जुलाई से “ऑपरेशन सिन्दूर” पर विशेष बहस शुरू होगी।
सरकार ने इस संवेदनशील मसले पर लोकसभा और राज्यसभा में 16-16 घंटे का समय बहस के लिए निर्धारित किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह खुद इस बहस में भाग लेंगे और सरकार की स्थिति स्पष्ट करेंगे।
विपक्ष ने लगातार सरकार पर दबाव बनाया है कि वह ट्रंप के बयान, पहलगाम आतंकी हमले और बिहार में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान पर पारदर्शी जवाब दे। विपक्षी सांसदों ने मांग की थी कि बहस 25 जुलाई से ही शुरू हो जाए, लेकिन प्रधानमंत्री के विदेश दौरे का हवाला देकर सरकार ने इसे 28 जुलाई तक टाल दिया।
विपक्ष का हमला:
पिछले एक सप्ताह में “ऑपरेशन सिन्दूर” को लेकर विपक्ष का हमला तेज हुआ है। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके, वामदल समेत कई विपक्षी दलों ने संसद के भीतर और बाहर यह मुद्दा लगातार उठाया है। उन्होंने प्रश्नकाल स्थगित कर नियम 193 और 267 के तहत अल्पकालिक चर्चा की मांग की और साप्ताहिक बिजनेस एडवाइजरी कमिटी की बैठकें सुनिश्चित करने की अपील की, ताकि संवाद की निरंतरता बनी रहे।
रक्षा मंत्रालय की तैयारी:
सूत्रों के अनुसार, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बीते तीन दिनों में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ लगातार उच्चस्तरीय बैठकें की हैं। इन बैठकों में सरकार का पक्ष प्रभावी तरीके से रखने की रणनीति तैयार की गई है।
करगिल विजय दिवस के बाद होगी बहस:
यह बहस 26 जुलाई को करगिल विजय दिवस के तुरंत बाद शुरू हो रही है, जो सरकार की इस कोशिश को दर्शाता है कि सैन्य अभियान को राष्ट्रीय गौरव से जोड़ा जाए। ऐसे समय में जब देश करगिल के शौर्य को याद कर रहा होगा, संसद में एक बार फिर सेना की भूमिका और राष्ट्र की सुरक्षा रणनीतियों पर व्यापक चर्चा होगी।
विशेष रिपोर्ट:
टीडब्ल्यूएम न्यूज़, दिल्ली ब्यूरो