पश्चिम आर्कटिक का ‘राजदूत’ निकला फर्जीवाड़े का बादशाह, STF ने दबोचा
गाज़ियाबाद में किराए के मकान को बना दिया दूतावास, नकली पासपोर्ट-करेंसी और प्रेस कार्ड बरामद

गाजियाबाद में पकड़े गए एक युवक ने, जिसने पूरी की पूरी काल्पनिक विदेश नीति खड़ी कर दी।

उत्तर प्रदेश STF ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है जिसने किराए के मकान को ‘पश्चिम आर्कटिक दूतावास’ (West Arctic Embassy) में बदल दिया था। आरोपी का नाम हर्षवर्धन जैन है, जो खुद को ‘राजदूत’ बताकर लोगों को विदेशी नौकरी और नागरिकता देने का लालच देकर ठग रहा था।

STF के मुताबिक, आरोपी ने न सिर्फ ‘वेस्ट आर्कटिका’ बल्कि सबोर्गा, लोडोनिया और पॉल्विया जैसे काल्पनिक देशों का भी नाम इस्तेमाल किया। उसके पास से विदेश मंत्रालय (MEA) की नकली सील, विभिन्न देशों के रबर स्टैम्प, फर्जी प्रेस कार्ड, कई देशों की नकली मुद्राएं और डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट्स भी बरामद हुई हैं।

ठग का ‘विदेशी सपना’ ऐसे टूटा

आरोपी ने सोशल मीडिया और इंटरनेट के ज़रिए लोगों को ‘राजदूत की पहुंच’ दिखाकर लुभाया। वह नकली दस्तावेज़ देकर ‘रेज़िडेंसी परमिट’, ‘वर्क वीज़ा’ और ‘दूतावासी सिफारिश पत्र’ के नाम पर मोटी रकम वसूल रहा था। लेकिन एक व्यक्ति को शक हुआ जब उसने देखा कि ‘राजदूत’ न तो विदेशी दिखता है, न ही उसकी बातों में कोई राजनयिक दम है। उस शख्स ने STF से शिकायत की, जिसके बाद जाल बिछाकर हर्षवर्धन को गिरफ्तार किया गया।

किराए के मकान में ‘दूतावास’, अंदर था नकली विदेश

गाज़ियाबाद के जिस मकान को आरोपी ने ‘दूतावास’ बनाया था, वहां विदेशी झंडे, नकली टाइपसेट किए गए दस्तावेज़, फर्जी यूएन और प्रेस कार्ड तक मिल गए। यहां तक कि उसने एक वेबसाइट भी बना रखी थी जहां ‘पश्चिम आर्कटिका’ की राजनयिक सेवाओं की जानकारी दी जाती थी।

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