धनखड़ के इस्तीफे पर खरगे ने खड़े किए सवाल, मोदी सरकार की चुप्पी पर उठाए गंभीर आरोप
‘स्वास्थ्य कारण सिर्फ बहाना, असली वजह बताए सरकार’

नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस इस्तीफे को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि मामला संदिग्ध है और इसमें कुछ छुपाया जा रहा है। उन्होंने मोदी सरकार की चुप्पी पर सवाल खड़े करते हुए कहा, “दाल में कुछ काला है।”

खरगे ने मंगलवार को संसद परिसर में संवाददाताओं से बात करते हुए कहा, “धनखड़ जी ने हमेशा आरएसएस और भाजपा की नीतियों का समर्थन किया है। ऐसे में उनका अचानक इस्तीफा देना संदेह पैदा करता है। अगर स्वास्थ्य कारण ही वजह है तो फिर प्रधानमंत्री या सरकार की ओर से अब तक कोई विस्तृत बयान क्यों नहीं आया?”

बता दें कि सोमवार को मानसून सत्र के पहले ही दिन 74 वर्षीय उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने राष्ट्रपति को भेजे पत्र में स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया, परंतु विपक्ष इसे महज एक बहाना मान रहा है।

स्वास्थ्य पर सवाल, चुप्पी पर शक

खरगे ने कहा कि हाल ही में उपराष्ट्रपति पूरी तरह सक्रिय थे और संसद की कार्यवाही में भाग भी ले रहे थे। “अगर वे बीमार होते तो संकेत पहले ही मिलते। लेकिन यहां तो सब कुछ अचानक हो गया। ऐसा लगता है जैसे कोई दबाव था या अंदरूनी टकराव हुआ है,” उन्होंने कहा।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी अपने बयान में कहा कि धनखड़ जी बिल्कुल स्वस्थ दिख रहे थे। उन्होंने भी इस्तीफे को ‘अप्रत्याशित’ करार दिया और कहा कि इसके पीछे ‘राजनीतिक कारण’ हो सकते हैं।

प्रधानमंत्री की चुप्पी बनी चर्चा का विषय

इस्तीफे के 15 घंटे बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक संक्षिप्त ट्वीट कर धनखड़ को धन्यवाद दिया, लेकिन कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं की। इसपर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि “प्रधानमंत्री का रुख यह साबित करता है कि यह एक सामान्य इस्तीफा नहीं है। चुप्पी खुद एक संकेत है कि मामला गंभीर है।”

सरकार से जवाब की मांग

कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल अब सरकार से स्पष्ट जवाब की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि देश को यह जानने का अधिकार है कि क्या यह महज स्वास्थ्य कारणों से लिया गया निर्णय था या इसके पीछे सत्ता के गलियारों में चल रही कोई गहरी हलचल है।

 

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