लोकतंत्र नहीं ‘लोकतंतर’! विपक्ष के बैनर की गलती पर भाजपा का तंज
संसद भवन परिसर में प्रदर्शन के दौरान लगे बैनर पर हिंदी वर्तनी की चूक, भाजपा बोली – जो लोकतंत्र लिखना नहीं जानते, वे देश को पाठ पढ़ा रहे हैं
नई दिल्ली।
बिहार में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी INDIA गठबंधन द्वारा संसद भवन परिसर में किए गए विरोध प्रदर्शन ने राजनीतिक तकरार को एक नया मोड़ दे दिया। लेकिन इस बार मुद्दा न तो नीति रहा और न ही निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया — बल्कि एक हिंदी शब्द की वर्तनी की गलती को लेकर सत्ताधारी भाजपा ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा।
प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों ने एक बड़ा बैनर थाम रखा था जिस पर लिखा था — “SIR – लोकतंतर पर वार”, जबकि शुद्ध शब्द “लोकतंत्र” होना चाहिए था। इसी वर्तनी की गलती पर भाजपा ने चुटकी लेते हुए कहा कि जो लोग ‘लोकतंत्र’ तक सही नहीं लिख सकते, वे अब देश को लोकतंत्र का पाठ पढ़ा रहे हैं।
भाजपा के आईटी प्रकोष्ठ के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया मंच X (पूर्व में ट्विटर) पर विपक्ष की फोटो साझा करते हुए तंज कसा — “लोकतंत्र होता है, लोकतंतर नहीं।”
इसी क्रम में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा — “कांग्रेस से क्या उम्मीद करें, जो न तो ‘लोकतंत्र’ लिख सकते हैं, न ही बचा सकते हैं। वे तो ‘परिवारतंत्र’ और आपातकाल में विश्वास रखते हैं। इन्हें वही लिखना और बचाना आता है।”
इस प्रदर्शन में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई विपक्षी सांसद मौजूद थे। उन्होंने संसद भवन परिसर के मकर द्वार पर खड़े होकर “लोकतंत्र बचाओ” और “वोटबंदी बंद करो” जैसे नारे लगाए।
गौरतलब है कि बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले चुनाव आयोग द्वारा शुरू की गई विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) को लेकर विपक्ष ने आरोप लगाया है कि यह कार्रवाई सत्तारूढ़ दल के इशारे पर की जा रही है, जिससे कई मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा सकते हैं।
हालांकि, भाजपा का कहना है कि विपक्ष सिर्फ भ्रम फैलाने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े करने की राजनीति कर रहा है, और अब तो उनकी भाषाई चूक भी उनके गंभीरता पर सवाल उठाती है।
रिपोर्ट : TWM न्यूज ब्यूरो