तेजस्वी यादव का सरकार पर तंज: सफाईकर्मियों को समय पर वेतन और उपकरण पहले दें, आयोग बाद में बने
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया ‘बिहार राज्य सफाईकर्मी आयोग’ के गठन का ऐलान

पटना। बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा ‘बिहार राज्य सफाईकर्मी आयोग’ के गठन की घोषणा पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। रविवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव ने इस घोषणा का स्वागत तो किया, लेकिन सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि “सफाईकर्मियों को ना तो समय पर वेतन मिलता है, ना ही जरूरी उपकरण। पहले इन्हें दिया जाए, फिर आयोग बने।”

तेजस्वी ने उठाया ज़मीनी हक़ का सवाल
पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने कहा कि जो लोग दिन-रात शहर को साफ रखने में लगे हैं, उन्हें मूलभूत सुविधाएं ही नहीं मिल पा रही हैं। “कागज़ी घोषणाओं से हक़ नहीं मिलते, इन्हें उपकरण, वेतन और सुरक्षा सबसे पहले मिलना चाहिए,” उन्होंने जोर देते हुए कहा।

मुख्यमंत्री ने X (पूर्व ट्विटर) पर की घोषणा
इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया मंच X पर एक पोस्ट में कहा, “बिहार राज्य सफाईकर्मी आयोग के गठन का निर्देश दे दिया गया है। यह आयोग सफाईकर्मियों के अधिकारों की सुरक्षा, कल्याण, पुनर्वास, सामाजिक उन्नयन तथा शिकायतों के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाएगा।”

मुख्यमंत्री के अनुसार, आयोग में एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष और पाँच सदस्य होंगे, जिनमें कम से कम एक महिला या ट्रांसजेंडर सदस्य अनिवार्य होगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह आयोग वंचित समाज को मुख्यधारा में लाने और उनके सामाजिक-आर्थिक विकास में भी सहायक सिद्ध होगा।

चुनावी मौसम में घोषणाओं की झड़ी
गौरतलब है कि अगले साल होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य सरकार ने हाल के दिनों में कई बड़े ऐलान किए हैं। इसमें 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली, 5 वर्षों में एक करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा और पत्रकारों की मासिक पेंशन ₹15,000 तक बढ़ाना शामिल है।

हालांकि, चुनाव आयोग द्वारा अब तक 2025 विधानसभा चुनाव की तिथियों की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे ‘चुनावी तैयारी’ के रूप में देखा जा रहा है।


 

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