‘पायलटों के हाथ बांध दिए गए’: ऑपरेशन सिंदूर पर राहुल गांधी का सरकार पर तीखा हमला
ट्रंप की मध्यस्थता पर चुप्पी तोड़े सरकार: कांग्रेस का दोनों सदनों में मोर्चा

नई दिल्ली
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान केंद्र सरकार की रणनीति पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने सेनाओं को पूरी छूट नहीं दी और राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी ने राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर किया।

लोकसभा में हुई तीखी बहस के दौरान राहुल गांधी ने कहा, “अगर आप भारतीय सेना को प्रभावी ढंग से तैनात करना चाहते हैं, तो 100 प्रतिशत राजनीतिक इच्छाशक्ति और सेना को पूरी स्वतंत्रता देनी होती है।” उन्होंने दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के समय डीजीएमओ को स्पष्ट निर्देश थे कि किसी भी सूरत में तनाव न बढ़े।

राहुल गांधी ने ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए 1971 के भारत-पाक युद्ध का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “जब सातवां अमेरिकी बेड़ा भारत की ओर बढ़ रहा था, तब प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने जनरल मानेकशॉ से कहा था—छह महीने, एक साल… जितना वक्त चाहिए ले लीजिए। यही होती है असली राजनीतिक इच्छाशक्ति।”

राहुल ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उन टिप्पणियों पर भी सरकार को घेरा, जिनमें उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने भारत-पाक के बीच युद्धविराम कराया था। उन्होंने पीएम मोदी को सीधी चुनौती देते हुए कहा, “अगर उनमें हिम्मत है तो इस सदन में खड़े होकर कहें कि डोनाल्ड ट्रंप झूठ बोल रहे हैं। अगर हिम्मत है तो बोलें—ट्रंप झूठ बोलते हैं। क्यों चुप हैं प्रधानमंत्री?”

राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी सरकार पर प्रहार करते हुए पूछा कि आखिर सरकार ट्रंप के दावों पर चुप क्यों है। उन्होंने कहा, “डोनाल्ड ट्रंप अब तक सार्वजनिक रूप से 29 बार कह चुके हैं कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम कराया। जब मैं बोल रहा हूं, हो सकता है वो 30वीं बार भी यह कह रहे हों। लेकिन सरकार की तरफ से अब तक कोई खंडन या स्वीकारोक्ति क्यों नहीं आई?”

कांग्रेस ने लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में सरकार की रणनीति, विदेश नीति और सैन्य फैसलों पर सीधा सवाल उठाकर दबाव बढ़ा दिया है। पार्टी ने मांग की है कि प्रधानमंत्री मोदी स्वयं संसद में आकर ट्रंप के दावों पर सफाई दें और यह स्पष्ट करें कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सेना को क्यों रोका गया।

 

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