रूस में आए भूकंप से प्रशांत महासागर में सुनामी का खतरा, जापान और अमेरिका में अलर्ट जारी
हवाई और जापान के तटीय इलाकों में तीन मीटर ऊंची लहरें आने की चेतावनी; ‘बार-बार टकराएंगी सुनामी की लहरें’

टोक्यो/वॉशिंगटन/मॉस्को। रूस के कमचटका प्रायद्वीप के पास आए भीषण भूकंप के बाद प्रशांत महासागर में सुनामी का खतरा मंडराने लगा है। इसके मद्देनज़र जापान और अमेरिका के तटीय इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी और अमेरिकी सुनामी चेतावनी केंद्र ने 1 से 3 मीटर तक ऊंची लहरें उठने की आशंका जताई है।

भूकंप मंगलवार देर रात जीएमटी समयानुसार आधी रात से ठीक पहले आया और इसकी तीव्रता शुरुआती तौर पर 8 मापी गई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 8.7 कर दिया गया। भूकंप का केंद्र रूस के कमचटका प्रायद्वीप स्थित पेत्रोपावलोव्स्क से 136 किमी पूर्व में था, जिसकी गहराई महज़ 19 किलोमीटर बताई गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी कम गहराई वाला भूकंप बेहद खतरनाक होता है और बड़े पैमाने पर सुनामी उत्पन्न कर सकता है।

जापान में चेतावनी और समुद्र से दूर रहने की अपील

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने पहले एक मीटर तक ऊंची लहरों की चेतावनी दी थी, जिसे बाद में बढ़ाकर तीन मीटर कर दिया गया। एजेंसी ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा, “सुनामी की लहरें एक बार नहीं, बार-बार तट से टकरा सकती हैं। जब तक चेतावनी हटाई न जाए, तब तक समुद्र के पास न जाएं।”

जापान के होक्काइडो द्वीप से लगभग 250 किलोमीटर दूर यह भूकंप महसूस किया गया, हालांकि वहां कंपन मामूली दर्ज किया गया है।

हवाई और अलास्का में भी खतरे की घंटी

अमेरिकी प्रशासन ने हवाई और अलास्का सहित प्रशांत तटवर्ती इलाकों के लिए सुनामी एडवायजरी जारी की है। अमेरिकी सुनामी चेतावनी केंद्र ने कहा है कि हवाई द्वीपों में भी तीन मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं।

कमचटका से अब तक कोई नुकसान की सूचना नहीं

रूस की ओर से अब तक कमचटका क्षेत्र में किसी प्रकार के नुकसान की जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि, प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है। स्थानीय मीडिया और प्रशासनिक अधिकारी राहत और बचाव टीमों को तैयार रहने के निर्देश दे चुके हैं।

विशेषज्ञों की चेतावनी

टोक्यो विश्वविद्यालय के भूकंप वैज्ञानिक शिनइची सकाई ने जापानी चैनल NHK से बातचीत में कहा कि, “जब किसी उथले इलाके में शक्तिशाली भूकंप आता है, तो उसका प्रभाव दूर-दराज़ तक महसूस होता है और वह बड़े पैमाने पर सुनामी को जन्म दे सकता है।” उन्होंने कहा कि इस स्थिति में जापान के तटीय क्षेत्र खतरे में आ सकते हैं।

भूकंप-प्रवण क्षेत्र में स्थित है जापान

जापान “पैसिफिक रिंग ऑफ फायर” नामक क्षेत्र में स्थित है, जहां दुनिया के अधिकांश भूकंप और ज्वालामुखीय गतिविधियां होती हैं। यही कारण है कि जापान को दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित देशों में गिना जाता है।


स्थिति पर नजर:

  • भूकंप की तीव्रता: 8.7
  • केंद्र: कमचटका, रूस (पेत्रोपावलोव्स्क से 136 किमी पूर्व)
  • गहराई: 19 किमी
  • सुनामी लहरों की ऊंचाई: 1 से 3 मीटर (संभावित)
  • प्रभावित क्षेत्र: जापान, हवाई, अलास्का, रूस
  • सरकारी अपील: समुद्र से दूर रहें, सुरक्षित स्थानों पर जाएं

(यह खबर एएफपी, एपी और स्थानीय एजेंसियों के इनपुट पर आधारित है, लेकिन प्रस्तुति व भाषा पूरी तरह से मौलिक है।)

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