रूस-जापान में सुनामी का कहर: कामचटका में 8.8 तीव्रता का भूकंप, तटीय इलाकों में चार मीटर ऊंची लहरें
— रिपोर्ट: अमर शर्मा

मॉस्को/टोक्यो, 30 जुलाई। रूस के सुदूर पूर्वी कामचटका प्रायद्वीप में बुधवार तड़के समुद्र के भीतर आए भीषण 8.8 तीव्रता के भूकंप ने इलाके में भारी हड़कंप मचा दिया। भूकंप के कुछ ही मिनटों बाद चार मीटर तक ऊंची सुनामी लहरों ने कामचटका और कुरिल द्वीपों के तटों को अपनी चपेट में ले लिया। इसके चलते रूस और जापान के कई तटीय इलाकों में आपात निकासी अभियान चलाया गया।

अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण विभाग (USGS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र पेट्रोपावलोव्स्क-कामचात्स्की शहर से करीब 125 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में समुद्र में था। पहले इसे 8.0 तीव्रता का बताया गया, लेकिन बाद में इसे संशोधित कर 8.8 घोषित किया गया। भूकंप की गहराई महज 19.3 किलोमीटर बताई गई, जिससे सतह पर इसका असर बेहद तीव्र रहा।

भूकंप के एक घंटे बाद ही 6.9 तीव्रता का एक और झटका दर्ज किया गया, जो कामचटका के दक्षिण-पूर्व में 10 किलोमीटर गहराई में आया। इस झटके ने तटीय इलाकों में दोबारा सुनामी की आशंका बढ़ा दी।

रूस में नुकसान, पर अब तक कोई हताहत नहीं
रूसी आपदा प्रबंधन मंत्री लेबेदेव ने बताया कि कामचटका क्षेत्र में कई स्थानों पर तीन से चार मीटर ऊंची लहरें दर्ज की गई हैं। उन्होंने कहा, “तटीय इलाकों के लोगों से अनुरोध है कि वे तुरंत ऊंचे इलाकों की ओर चले जाएं और जलधाराओं से दूर रहें।” गवर्नर व्लादिमीर सोलोदोव ने टेलीग्राम पर एक वीडियो संदेश में बताया कि एक किंडरगार्टन को नुकसान पहुंचा है, लेकिन किसी के घायल होने की खबर नहीं है। सोलोदोव ने कहा, “यह पिछले कई दशकों में सबसे तीव्र झटका रहा।”

जापान में भी हाई अलर्ट, एक मीटर तक लहरों की आशंका
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने देश के पूर्वी समुद्री तट पर एक मीटर तक ऊंची लहरें आने की चेतावनी जारी की है। अलर्ट के बाद कई इलाकों में स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सतर्क किया और ऊंचे स्थानों की ओर जाने की सलाह दी। प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई है और सरकार ने आपात समिति का गठन किया है।

हवाई, फिलीपींस और कोरियाई क्षेत्र भी चपेट में
अमेरिकी सुनामी चेतावनी प्रणाली के अनुसार, भूकंप के तीन घंटे के भीतर रूस के प्रशांत तट और उत्तर-पश्चिमी हवाई द्वीपों तक तीन मीटर से अधिक ऊंची लहरें पहुंच सकती हैं। फिलीपींस, पलाऊ, मार्शल द्वीप, चूक और कोसरे में भी 0.3 से एक मीटर ऊंची लहरें आने की चेतावनी जारी की गई है। वहीं दक्षिण कोरिया, उत्तर कोरिया और ताइवान में भी हल्की लहरों की संभावना जताई गई है।

सखालिन में भी निकासी के आदेश
रूस के सखालिन क्षेत्र में गवर्नर वालेरी लिमारेन्को ने सेवेरो-कुरिल्स्क शहर में एहतियातन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने के आदेश दिए हैं। अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

भूकंप क्षेत्र ‘पैसिफिक रिंग ऑफ फायर’ का हिस्सा
गौरतलब है कि कामचटका प्रायद्वीप दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में आता है। यह इलाका ‘पैसिफिक रिंग ऑफ फायर’ का हिस्सा है, जहां ज्वालामुखीय गतिविधियां और भूकंप आम हैं। जुलाई की शुरुआत में भी यहां 7.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। इतिहास में नवंबर 1952 में यहां 9.0 तीव्रता का भूकंप आया था, जिससे हवाई में नौ मीटर ऊंची लहरें उठी थीं।

स्थिति पर कड़ी निगरानी
रूसी और जापानी अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। राहत और बचाव दल सक्रिय हैं और लोगों को सुरक्षित रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि अब तक किसी बड़े जानमाल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, फिर भी भूकंप और सुनामी की तीव्रता को देखते हुए खतरा अभी टला नहीं है।


रिपोर्ट: अमर शर्मा, 

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