70वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में पहुंचे रहमान ने कहा – हर भाषा में है अच्छी फिल्मों की चमक
नई दिल्ली
प्रसिद्ध संगीतकार ए. आर. रहमान का मानना है कि अच्छी फिल्में भाषा और क्षेत्रीय सीमाओं से परे होती हैं। उन्होंने कहा, “एक फिल्म सभी की होती है – पूर्व, पश्चिम, उत्तर या दक्षिण। एक अच्छी फिल्म, अच्छी फिल्म ही होती है, चाहे वह तमिल हो, हिंदी, पंजाबी, बंगाली या मलयालम। फिल्मों के लिए कोई सीमाएं नहीं होतीं।”
रहमान, जो तमिल, हिंदी, तेलुगु और मलयालम फिल्मों में अपने 32 साल के करियर में संगीत दे चुके हैं, राजधानी दिल्ली में 70वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में शामिल होने आए थे। उन्हें मणिरत्नम की तमिल फिल्म पोन्नियिन सेलवन – 1 के लिए सर्वश्रेष्ठ पृष्ठभूमि संगीत का पुरस्कार मिला है।
यह रहमान का पृष्ठभूमि संगीत श्रेणी में दूसरा और कुल मिलाकर सातवां राष्ट्रीय पुरस्कार है। उन्होंने खुशी जताई कि उनका सातवां पुरस्कार रत्नम की फिल्म के लिए आया है, जिन्होंने उन्हें 1992 की फिल्म रोजा से ब्रेक दिया था। इस फिल्म के लिए रहमान को सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन का पहला राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था।
रहमान ने कहा, “यह मेरा सातवां राष्ट्रीय पुरस्कार है और मैं इसके लिए ईश्वर और उन सभी फिल्म निर्माताओं का आभारी हूं जिन्होंने मुझे इन पुरस्कारों तक पहुंचाया, खासकर मणिरत्नम सर को।”
रहमान और रत्नम ने थिरुदा थिरुदा, बॉम्बे, दिल से.., अलैपायुथे, गुरु, रावणन और ओ कधल कनमनी जैसी कई हिट फिल्मों में साथ काम किया है। दोनों जल्द ही कमल हासन अभिनीत आगामी फिल्म थग लाइफ के लिए फिर से एकजुट होने वाले हैं।
रहमान के सबसे लोकप्रिय गीतों में रोजा, मिनसारा पूवे, वीरापंडी कोटैयिले, दिल से रे.., छैंय्या छैंय्या, नादान परिंदे, तेरे बिना, जय हो और हालिया इश्क नचाये शामिल हैं।