नई दिल्ली

70वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में भारतीय सिनेमा की उत्कृष्टता का जश्न मनाया गया। इस भव्य आयोजन में अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान करते हुए भारतीय सिनेमा में महिलाओं की भागीदारी पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा, “इस साल 85 विजेताओं में से केवल 15 महिलाएं हैं। जैसे उच्च शिक्षा में छात्राओं का प्रदर्शन बेहतर हो रहा है, वैसे ही उद्योगों में भी महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने की जरूरत है।”

अभिनेता-अभिनेत्रियों की धूम

इस समारोह में कई प्रतिष्ठित पुरस्कार वितरित किए गए, जिसमें कन्नड़ अभिनेता ऋषभ शेट्टी को फिल्म “कांतारा” के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला। वहीं, नित्या मेनन और मानसी पारेख ने संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का खिताब अपने नाम किया। इन पुरस्कारों ने भारतीय सिनेमा के उभरते और स्थापित कलाकारों की बहुमुखी प्रतिभा को उजागर किया।

“उंचाई” के लिए सूरज बड़जात्या को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक

सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार “उंचाई” के लिए सूरज आर. बड़जात्या को मिला। उन्होंने इस अवसर पर कहा, “यह फिल्म मैंने बॉक्स ऑफिस की चिंता किए बिना बनाई। यह कला मेरे दिल से निकली है, और इस पुरस्कार के लिए मैं आभारी हूं।”

“आट्टम” ने जीता सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार

मलयालम फिल्म “आट्टम” ने सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार जीता। इस फिल्म के निर्देशक आनंद एकर्शी और संपादक महेश भुवनेंद्र को भी राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा गया। आनंद एकर्शी ने कहा, “यह मेरे लिए बेहद खास है कि मेरी पहली फिल्म को तीन राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं। यह हमारे फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भी अधिक पहचान दिलाएगा।”

द्रौपदी मुर्मू ने सिनेमा के सामाजिक प्रभाव पर दिया जोर

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि सिनेमा और सोशल मीडिया समाज में बदलाव लाने के सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा, “इन माध्यमों का प्रभाव जन-जागरूकता के लिए अद्वितीय है। फिल्म उद्योग को महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास पर भी ध्यान केंद्रित करना चाहिए।”

मिथुन चक्रवर्ती को मिला दर्शकों का स्टैंडिंग ओवेशन

74 वर्षीय मिथुन चक्रवर्ती, जो इस समारोह में हाथ पर ब्रेस बांधे हुए पहुंचे थे, ने दादा साहेब फाल्के पुरस्कार प्राप्त करते समय कहा, “मुझे इस मंच पर दोबारा आने का मौका आपकी दुआओं से मिला है। मैंने जीवन में बहुत संघर्ष किया, लेकिन आज इस पुरस्कार के बाद शिकायतें बंद कर दी हैं। ईश्वर ने मुझे सब कुछ वापस दिया, वह भी ब्याज सहित।”

इस समारोह ने भारतीय सिनेमा के दिग्गजों और उभरते सितारों को एक साथ मंच पर लाकर उनके योगदान को सराहा और भारतीय सिनेमा की महिमा को बढ़ाया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *