नई दिल्ली
कांग्रेस ने हरियाणा विधानसभा चुनावों के परिणामों को “अप्रत्याशित, अस्वीकार्य और लोकतंत्र की हार” करार दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश और मीडिया प्रमुख पवन खेड़ा ने आज अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में कहा कि हरियाणा के चुनाव परिणाम जमीनी हकीकत और जनता की इच्छाओं के विपरीत हैं।
जयराम रमेश ने कहा, “यह परिणाम पूरी तरह से अप्रत्याशित और चौंकाने वाले हैं। कांग्रेस के उम्मीदवारों को हारते दिखाया गया है, जबकि हार की कोई गुंजाइश नहीं थी। हरियाणा के लोगों ने बदलाव और सुधार के पक्ष में मन बनाया था, लेकिन इस प्रक्रिया में भारी गड़बड़ियां हुई हैं।”
पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) के साथ छेड़छाड़ की गई है। उन्होंने बताया कि कुछ उम्मीदवारों ने शिकायत की कि जिन ईवीएम की बैटरी 99 प्रतिशत तक मजबूत थी, उनमें परिणाम कांग्रेस के खिलाफ गए। जबकि जिन मशीनों की बैटरी 60 से 70 प्रतिशत के बीच थी, उन्होंने सामान्य रुझान दिखाया।
खेड़ा ने आगे कहा, “हमने कई अन्य गंभीर शिकायतें भी प्राप्त की हैं और आने वाले दिनों में इन शिकायतों के साथ चुनाव आयोग से संपर्क करेंगे। यह लोकतंत्र की हार और तंत्र की जीत है।”
कांग्रेस नेताओं ने हरियाणा के परिणामों को पूरी तरह से जमीनी सच्चाई के विपरीत बताया और कहा कि यह जनता की इच्छा को दबाने और पारदर्शी चुनावी प्रक्रिया को विकृत करने का परिणाम है। “हरियाणा का अध्याय अभी खत्म नहीं हुआ है, हम आगे भी इसे चुनौती देंगे,” खेड़ा ने कहा।
वहीं जम्मू-कश्मीर में नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस के गठबंधन को मिली सफलता पर कांग्रेस नेताओं ने कहा कि गठबंधन की प्राथमिकता राज्य का दर्जा बहाल करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन सरकार एक पारदर्शी और जिम्मेदार शासन देने के लिए प्रतिबद्ध होगी।
कांग्रेस ने भाजपा पर भी आरोप लगाया कि वह जम्मू-कश्मीर में बहुमत पाने के लिए अंतिम समय तक जोड़-तोड़ करती रही, लेकिन जनता ने भाजपा के इन प्रयासों को नाकाम कर दिया। जयराम रमेश ने कहा, “जम्मू-कश्मीर की जनता ने भाजपा की चालों को विफल कर नेशनल कांफ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन को स्पष्ट बहुमत दिया है।”