अशोक चक्र का अपमान भारत पर हमला : बिहार उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
पटना। जम्मू-कश्मीर के हज़रतबल दरगाह परिसर में राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ और अशोक चक्र को क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना पर सियासत गरमा गई है। रविवार को बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अशोक स्तंभ और अशोक चक्र भारत की एकता के प्रतीक हैं, और इनका अपमान पूरे देश पर हमला करने के बराबर है।
सम्राट चौधरी ने इस घटना को लेकर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के बयान पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “यह घटना कश्मीर से कन्याकुमारी तक के लोगों को आक्रोशित कर रही है। सम्राट अशोक ने जिस भारत की नींव रखी, उसी के स्तंभ और चक्र को आज निशाना बनाया गया। इस पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का बयान बेहद शर्मनाक है। अशोक स्तंभ पर हमला भारत की आत्मा पर हमला है।”
गौरतलब है कि श्रीनगर के हज़रतबल दरगाह के पुनर्निर्माण कार्य के दौरान लगाए गए शिलापट्ट पर अंकित राष्ट्रीय प्रतीक को भीड़ ने खंडित कर दिया। घटना का वीडियो वायरल होते ही राष्ट्रीय प्रतीक की गरिमा और धार्मिक स्थलों पर इसके इस्तेमाल को लेकर बहस छिड़ गई।
उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि उन्होंने कभी किसी धार्मिक स्थल पर राष्ट्रीय प्रतीक का उपयोग नहीं देखा। उन्होंने सवाल उठाया कि “आखिर इसकी ज़रूरत क्या थी? धार्मिक स्थलों पर सरकार के प्रतीक लगाने की परंपरा नहीं है, फिर हज़रतबल दरगाह में ऐसा क्यों किया गया?”
वहीं, सम्राट चौधरी ने कांग्रेस और महागठबंधन पर भी निशाना साधते हुए कहा कि ये दल बार-बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार का अपमान करते रहे हैं। उन्होंने कहा, “कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और आरजेडी का अस्तित्व तभी तक है जब तक भारत की एकता और अखंडता कायम है। कभी प्रधानमंत्री की मां का अपमान होता है, कभी बिहार को ‘बीड़ी’ कहा जाता है और अब राष्ट्रीय प्रतीक को तोड़ा जा रहा है। यह सब भारतविरोधी मानसिकता का हिस्सा है।”
हज़रतबल की इस घटना ने न सिर्फ राजनीतिक हलचल तेज कर दी है बल्कि राष्ट्रीय प्रतीक की गरिमा और धार्मिक स्थलों पर उसके उपयोग को लेकर भी नई बहस छेड़ दी है।