ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हराकर सीरीज़ पर किया कब्ज़ा, रोहित शर्मा की जुझारू पारी बेकार
एडिलेड में टीम इंडिया की रणनीतिक भूलें और चयन पर उठे सवाल
एडिलेड। रोहित शर्मा की दमदार 73 रनों की पारी भी भारत को हार से नहीं बचा सकी। ऑस्ट्रेलिया ने गुरुवार को खेले गए दूसरे वनडे में भारत को दो विकेट से मात देकर तीन मैचों की सीरीज़ में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। इस हार के साथ ही भारत की टीम चयन और रणनीति पर नए सिरे से सवाल उठने लगे हैं।
भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए निर्धारित 50 ओवर में 9 विकेट पर 264 रन बनाए। रोहित शर्मा ने 97 गेंदों पर संघर्षपूर्ण 73 रन बनाए, लेकिन बाकी बल्लेबाज़ों से उन्हें खास सहयोग नहीं मिला। विराट कोहली लगातार दूसरे मैच में खाता नहीं खोल पाए, जिससे दर्शकों में निराशा फैल गई।
ऑस्ट्रेलिया ने जवाब में शुरुआती झटकों के बावजूद 46.2 ओवर में आठ विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। कूपर कॉनॉली ने 53 गेंदों पर नाबाद 61 रन ठोकते हुए टीम को जीत की ओर अग्रसर किया, जबकि मिशेल ओवेन ने 23 गेंदों पर 36 रन बनाकर अहम योगदान दिया। दोनों के बीच छठे विकेट के लिए 59 रनों की तेज़ साझेदारी ने भारत की उम्मीदों को तोड़ दिया।
मैच के बाद कॉनॉली ने कहा, “कभी-कभी बस सही समय पर धैर्य रखना और मौके का इंतज़ार करना ज़रूरी होता है।” उनकी संयमित बल्लेबाज़ी ने दर्शकों को ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज माइकल बेवन की याद दिला दी।
भारत की ओर से गेंदबाज़ी में वाशिंगटन सुंदर (2/37) और अक्षर पटेल (1/52) ने कुछ मौके बनाए, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ों पर दबाव बनाए रखने में नाकाम रहे। वहीं, टीम में कुलदीप यादव को जगह न देने का फैसला अब टीम प्रबंधन पर भारी पड़ता दिख रहा है। उनकी जगह शामिल किए गए नितीश रेड्डी न गेंद से असर डाल पाए, न बल्ले से — उन्होंने तीन ओवर में 24 रन लुटाए और सिर्फ 8 रन बनाए।
ऑस्ट्रेलिया की जीत में मैथ्यू शॉर्ट (74) की भूमिका भी अहम रही, जिन्होंने शुरुआती पारी को संभालते हुए मजबूत नींव रखी।
हालांकि हार के बावजूद रोहित शर्मा की पारी में पुराना जज़्बा दिखाई दिया — जॉश हेज़लवुड के खिलाफ शुरुआती 17 डॉट गेंदों के बाद उन्होंने आत्मविश्वास लौटाते हुए ज़बरदस्त स्ट्रोक खेले। लेकिन उनके आउट होते ही भारत की पारी बिखर गई।