पटना
बिहार में चार विधानसभा सीटों पर आगामी उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चुनाव आयोग द्वारा उपचुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद एनडीए ने अपने उम्मीदवारों का चयन कर लिया है। इन चार सीटों पर बीजेपी और हम (हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा) ने अपने प्रत्याशी उतार दिए हैं, जबकि जेडीयू की बेलागंज सीट पर उम्मीदवार चयन फिलहाल अटका हुआ है।
बीजेपी ने घोषित किए दो उम्मीदवार
भाजपा ने अपनी हिस्से की दो सीटों – तरारी और रामगढ़ के लिए प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। तरारी से पूर्व विधायक सुनील पांडेय के बेटे विशाल प्रशांत को उम्मीदवार बनाया गया है। सुनील पांडेय ने हाल ही में भाजपा का दामन थामा था और तभी से कयास लगाए जा रहे थे कि उनके बेटे को चुनावी मैदान में उतारा जाएगा। विशाल प्रशांत का यह पहला राजनीतिक अनुभव होगा, और पार्टी ने उन पर भरोसा जताया है।
वहीं, कैमूर जिले की रामगढ़ सीट से अशोक कुमार सिंह को भाजपा ने अपना प्रत्याशी घोषित किया है। अशोक कुमार सिंह 2015 में इस सीट से विधायक चुने गए थे, लेकिन 2020 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इस बार भाजपा ने उन्हें पुनः मौका दिया है, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह है।
जीतन राम मांझी की बहू का राजनीति में प्रवेश
गया जिले की इमामगंज सीट हम पार्टी के खाते में आई है, और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने अपनी बहू दीपा मांझी को उम्मीदवार बनाने का फैसला किया है। दीपा मांझी का राजनीति में यह पहला कदम होगा। मांझी के बेटे संतोष कुमार सुमन पहले से ही मंत्री पद संभाल रहे हैं, और अब उनकी पत्नी भी राजनीति में कदम रखकर परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाएंगी।
बेलागंज सीट पर जेडीयू का मंथन जारी
एनडीए की चौथी सीट बेलागंज फिलहाल जेडीयू के हिस्से में है, लेकिन इस पर अभी तक अंतिम निर्णय नहीं हो सका है। पार्टी इस सीट पर गया के बाहुबली परिवार से आने वाली मनोरमा देवी या उनके बेटे रॉकी यादव को उतारने की योजना बना रही थी। हालांकि, हाल ही में मनोरमा देवी के ठिकानों पर एनआईए की छापेमारी और नक्सलियों से संबंधों के आरोप ने इस निर्णय को जटिल बना दिया है। एनआईए की इस कार्रवाई के बाद पार्टी को उम्मीदवार चयन पर पुनर्विचार करना पड़ रहा है।
एनडीए की ओर से तीन सीटों पर प्रत्याशी तय हो चुके हैं, और जल्द ही बेलागंज सीट के लिए भी उम्मीदवार का एलान होने की संभावना है। इस बीच, चुनावी तैयारियों में तेजी लाते हुए सभी दलों ने प्रचार कार्य शुरू कर दिया है, जिससे राज्य की राजनीतिक तापमान बढ़ता नजर आ रहा है।