बिहार चुनाव 2025 : झारखंड मुक्ति मोर्चा ने मांगी 12 सीटें, जल्द तेजस्वी यादव से होगी बैठक
पटना, संवाददाता
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी बीच झारखंड की सत्तारूढ़ पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने राज्य में अपनी राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराने के लिए 12 विधानसभा सीटों की मांग की है। पार्टी के प्रवक्ता मनोज पांडेय ने रविवार को इसकी पुष्टि की।
उन्होंने कहा कि पार्टी के दो वरिष्ठ नेता जल्द ही विपक्ष के नेता और राजद प्रमुख तेजस्वी यादव से मुलाकात कर सीट बंटवारे पर औपचारिक बातचीत करेंगे। झामुमो का कहना है कि बिहार के सीमावर्ती इलाकों में उनकी पार्टी की पकड़ मजबूत है, इसलिए उन्हें गठबंधन में उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
चुनाव आयोग ने बिहार में तैयारियों की समीक्षा की
इधर, बिहार में विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने राज्य की चुनावी तैयारियों का दो दिवसीय दौरा पूरा किया। रविवार को आयोग ने दूसरे दिन पटना में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त सु्खबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी मौजूद थे।
बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी विनोद गुञ्ज्याल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। आयोग ने प्रवर्तन एजेंसियों और सुरक्षाबलों के साथ बैठक कर चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष और प्रलोभन-मुक्त बनाने की रणनीति पर चर्चा की।
शनिवार को आयोग ने पहले चरण में लॉजिस्टिक्स, बल तैनाती और खर्च निगरानी की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की थी।
7.42 करोड़ मतदाता होंगे चुनावी रण में
30 सितंबर को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची के अनुसार, बिहार में अब 7.42 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं। यह संख्या जून में दर्ज 7.89 करोड़ मतदाताओं से कम है। इस सूची के साथ ही विशेष पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पूरी हो गई है। माना जा रहा है कि आयोग जल्द ही चुनाव की तारीखों की घोषणा कर सकता है।
एनडीए बनाम महागठबंधन की सीधी टक्कर
बिहार में इस बार भी मुकाबला नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले एनडीए और तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले महागठबंधन के बीच सीधी टक्कर का रहने वाला है।
वर्तमान विधानसभा में एनडीए के पास 131 सीटें हैं — जिसमें भाजपा के 80, जदयू के 45, हम (से) के 4 और 2 निर्दलीय विधायक शामिल हैं।
वहीं महागठबंधन के पास 111 सीटें हैं — जिसमें राजद 77, कांग्रेस 19, भाकपा (माले) 11, और भाकपा व माकपा के 2-2 विधायक हैं।
राजनीतिक हलचल तेज
चुनाव की घोषणा से पहले राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और रणनीतिक बैठकों का दौर जारी है। झामुमो की 12 सीटों की मांग ने अब महागठबंधन के समीकरणों में नई हलचल पैदा कर दी है।
झामुमो की इस सक्रियता को कई राजनीतिक विश्लेषक झारखंड की सीमावर्ती राजनीति और बिहार के आदिवासी मतदाताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं।