घाटशिला उपचुनाव में फिर होगा सीधा मुकाबला, जेएमएम ने सोमेश सोरेन पर जताया भरोसा
पूर्व विधायक रामदास सोरेन के निधन के बाद खाली हुई सीट पर 11 नवंबर को मतदान
जमशेदपुर : झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले की घाटशिला विधानसभा सीट पर उपचुनाव का रण एक बार फिर दो बड़े दलों के बीच सिमट गया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने-अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। इस बार मुकाबला पूर्व विधायक दिवंगत रामदास सोरेन के पुत्र सोमेश सोरेन और पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन के बीच तय माना जा रहा है।
जेएमएम ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में केंद्रीय समिति की बैठक के बाद सोमेश सोरेन के नाम पर मुहर लगाई। पार्टी ने कहा कि सोमेश अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने में सक्षम हैं और जनता के बीच उनकी गहरी पैठ है।
वहीं भाजपा ने एक बार फिर बाबूलाल सोरेन पर भरोसा जताते हुए उन्हें प्रत्याशी बनाया है। इससे पहले 2024 के विधानसभा चुनाव में रामदास सोरेन ने भाजपा प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन को कड़ी टक्कर देते हुए 98,356 वोट हासिल किए थे, जबकि बाबूलाल को 75,910 वोट मिले थे।
घाटशिला विधानसभा सीट अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित है। निर्वाचन आयोग के अनुसार, इस क्षेत्र में कुल 2,55,823 पंजीकृत मतदाता हैं।
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन की अंतिम तिथि 21 अक्टूबर, नाम वापसी की अंतिम तिथि 24 अक्टूबर, मतदान 11 नवंबर को और मतगणना 14 नवंबर को होगी।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि इस बार भी घाटशिला में चुनावी जंग पारंपरिक ‘सोरेन बनाम सोरेन’ के रूप में दिलचस्प मोड़ लेने वाली है, जहां एक ओर पिता की विरासत को बचाने की कोशिश होगी तो दूसरी ओर पुराने सियासी समीकरणों को बदलने का प्रयास।