बिहार के डिप्टी सीएम पर बड़ा आरोप : प्रशांत किशोर बोले– उम्र का झूठ बोलकर हत्या केस से बच निकले सम्राट चौधरी

पटना, संवाददाता।
जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने सोमवार को बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए। किशोर का दावा है कि चौधरी ने 1995 के बहुचर्चित सामूहिक हत्या मामले से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट में नाबालिग होने का झूठा दावा किया था।

किशोर ने पटना में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि चौधरी ने 2020 में विधान परिषद चुनाव के दौरान दाखिल किए गए शपथ पत्र में अपनी उम्र 51 वर्ष बताई थी। ऐसे में यदि गणना की जाए तो 1995 में वे किशोर नहीं बल्कि 20 वर्ष से ऊपर के वयस्क रहे होंगे। किशोर ने कहा, “यह विरोधाभास साफ करता है कि उन्होंने अदालत से झूठ बोला और ट्रायल से बच निकले।”

उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा से मांग की कि सम्राट चौधरी को तुरंत पद से हटाया जाए। किशोर ने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो सरकार की नीयत जनता के सामने बेनकाब हो जाएगी। जन सुराज पार्टी ने इस मुद्दे पर राज्यपाल से मुलाकात का समय भी मांगा है।

चौधरी का पलटवार

आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रशांत किशोर को तंज कसते हुए कहा कि वे अब “जांच पत्रकार” की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा, “बेचारे के पास अब कुछ नया कहने को नहीं बचा, इसलिए यह सब किया जा रहा है। इस तरह के मुद्दे उठाने का एक निर्धारित मंच होता है।”

शिल्पी-गौतम प्रकरण पर भी सवाल

किशोर ने चौधरी से 1999 के बहुचर्चित शिल्पी-गौतम हत्याकांड पर भी सफाई मांगी। उस वक्त चौधरी मंत्री थे और उनके पद को उनके पिता शाकुनी चौधरी की राजनीतिक अदला-बदली का इनाम माना गया था। हालांकि सीबीआई ने बाद में इसे आत्महत्या मानकर केस बंद कर दिया था।

अशोक चौधरी पर भी निशाना

प्रशांत किशोर ने जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव व मंत्री अशोक चौधरी को भेजे गए मानहानि नोटिस को सार्वजनिक रूप से वापस लेने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो वे 500 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करेंगे।

किशोर ने आरोप लगाया कि एक ट्रस्ट, जिसमें अशोक चौधरी के परिजन शामिल हैं, ने 100 करोड़ रुपये का चंदा लिया। उन्होंने मांग की कि इस ट्रस्ट से जुड़े सभी लोग, जिनमें मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के रिश्तेदार भी बताए जाते हैं, आय के स्रोत का खुलासा करें।

“शेल कंपनियों” के आरोप पर सफाई

भाजपा के कुछ नेताओं द्वारा उनकी पार्टी को शेल कंपनियों से फंड मिलने के आरोप पर किशोर ने कहा, “मैंने राजनीतिक परामर्श के अपने पुराने काम के तहत बिना फीस लिए जिनको सेवा दी थी, उनसे धन लिया है। उस पर जीएसटी भी अदा किया है। ये राशि सिर्फ बिहार में राजनीतिक विकल्प खड़ा करने में खर्च हो रही है।”

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *