बिहार विधानसभा चुनाव: विशेष पुनरीक्षण के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी

पटना, 30 सितंबर।
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को राज्य की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी है। यह सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जारी की गई है। अब आगामी विधानसभा चुनाव इसी मतदाता सूची के आधार पर कराए जाएंगे।

निर्वाचन अधिकारियों ने जानकारी दी कि मतदाता अपने नाम की पुष्टि और विवरण आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं। आयोग का कहना है कि चुनाव कार्यक्रम की घोषणा 6 या 7 अक्टूबर के बीच होने की संभावना है।

22 साल बाद गहन पुनरीक्षण

बिहार में यह विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया 22 साल बाद की गई है। इस बीच यह मुद्दा राजनीतिक और कानूनी बहस का केंद्र रहा। 1 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की गई थी, जिसे 1 सितंबर तक आपत्तियों और दावों के लिए खुला रखा गया।
ड्राफ्ट सूची में करीब 65.63 लाख नाम हटाए गए थे, जिससे मतदाताओं की संख्या घटकर 7.24 करोड़ रह गई। इसके बाद करीब 3 लाख लोगों को नोटिस भेजे गए।

दावे और आपत्तियां

पुनरीक्षण अवधि में 2.17 लाख लोगों ने अपने नाम हटवाने के लिए आवेदन दिया, जबकि 16.93 लाख नए नाम जुड़वाने के लिए आगे आए। सिर्फ 1 अगस्त से 1 सितंबर के बीच 16.56 लाख लोगों ने नए पंजीकरण हेतु फॉर्म-6 भरा।

नियमों के अनुसार, नाम जुड़वाने के लिए नामांकन की अंतिम तिथि से दस दिन पहले तक आवेदन किया जा सकता है। ऐसे नाम पूरक सूची में जोड़े जाएंगे और आगे की नियमित मतदाता सूची में शामिल होंगे।

विपक्ष का आरोप, सुप्रीम कोर्ट की नजर

इस पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर विपक्ष ने तीखी आपत्तियां दर्ज कराई हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव ने इसे “मताधिकार हनन” और “वोट चोरी अभियान” करार दिया है। दोनों नेताओं ने मिलकर “वोटर अधिकार यात्रा” भी शुरू की।

मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां याचिकाकर्ताओं ने आशंका जताई कि लाखों मतदाता अधिकार से वंचित हो सकते हैं। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और जॉयमाल्या बागची ने सुनवाई के दौरान कहा कि यदि अनियमितताएं पाई गईं तो अदालत मतदाता सूची रद्द करने से भी पीछे नहीं हटेगी। अदालत ने बड़े पैमाने पर विलोपन की जगह बड़े पैमाने पर समावेशन पर जोर दिया है। अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को होगी।

चुनावी तैयारियां तेज

मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार और आयुक्त डॉ. एसएस संधुविनीत जोशी 4–5 अक्टूबर को बिहार दौरे पर आएंगे। वे राजनीतिक दलों, राज्य के अधिकारियों और नागरिक समाज प्रतिनिधियों से मुलाकात कर तैयारियों की समीक्षा करेंगे। इससे पहले 3 अक्टूबर को दिल्ली में चुनाव प्रेक्षकों की बैठक होगी।

बिहार विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है। अंतिम मतदाता सूची जारी होने और आयोग की उच्चस्तरीय बैठकें तय होने के बाद यह साफ संकेत है कि चुनावी बिगुल अक्टूबर के पहले हफ्ते में ही बज सकता है।


 

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